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MP में शिक्षा के हालात पर कमलनाथ का सरकार पर हमला, बोले “पतन के गर्त में पहुंची व्यवस्था”

उन्होंने कहा कि अगर बच्चों को न्यूनतम आवश्यकता और सहज मानवीय सम्मान के लिए भी पढ़ाई छोड़कर आंदोलन करना पड़ रहा है तो यह अत्यंत शर्म की बात है।
Kamal Nath

Kamal Nath

मध्यप्रदेश में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह पतन के गर्त में चली गई है। वर्षों तक शिकायतों की सुनवाई नहीं होने के बाद अब छोटे बच्चों को भी अपनी मूलभूत जरूरतों और अधिकारों के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है।

कांग्रेस नेता ने सागर जिले के एक स्कूल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बच्चों को इसलिए प्रदर्शन करना पड़ा क्योंकि स्कूल के हैंडपंप पर ही तौर पर कब्जा कर लिया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों का स्कूल भवन के बजाय एक गोदाम में संचालित हो रहा था। उन्होंनो सवाल किया कि जब बच्चों को पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी आंदोलन करना पड़े तो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार से किए सवाल

कांग्रेस एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर सवाल कर रही है। कमलनाथ ने इसे लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने बड़वानी जिले के जामली स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए सवाल किए। बता दें कि हाल ही में लगभग 200 विद्यार्थी अपनी शिकायतें लेकर जिला मुख्यालय की ओर पैदल निकले थे। विद्यार्थियों ने विद्यालय में अव्यवस्थाओं, अभद्र व्यवहार और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप लगाए थे। प्रशासन ने शिकायतों की जांच के लिए कमेटी गठित करने की बात कही है। पूर्व सीएम ने इस मामले पर कहा कि आदिवासी विद्यार्थियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार और जातिसूचक टिप्पणियों के आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने सवाल किया कि 21वीं सदी में क्या इसी तरह की शिक्षा व्यवस्था के जरिए बच्चों का भविष्य बनाया जाना है।

‘शिक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी हो’

कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि बच्चों को न्यूनतम आवश्यकताओं और सहज मानवीय सम्मान के लिए अपनी पढ़ाई छोड़कर आंदोलन करना पड़ रहा है तो यह बेहद शर्म की बात है। उन्होंने कहा है कि स्कूलों में बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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