मध्यप्रदेश शहडोल के पपौंध क्षेत्र से बिजली व्यवस्था की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर कोई भी कुछ पल के लिए रुक जाएगा। ग्राम पंचायत सकन्दी के साकेत मोहल्ले में एक घर की छत के बीचों-बीच बिजली का पोल लगा हुआ दिखाई दे रहा है।
इसी पोल के सहारे 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन आगे जा रही है। घर और बिजली लाइन की यह स्थिति देखकर आसपास रहने वाले लोगों में डर बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी जगह पर हाईटेंशन लाइन होना किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
पपौंध में घर की छत के बीच लगा बिजली का पोल
मामला पपौंध क्षेत्र की ग्राम पंचायत सकन्दी के साकेत मोहल्ले का बताया जा रहा है। यहां एक मकान की छत के बीचों-बीच बिजली का पोल नजर आ रहा है। सामान्य तौर पर बिजली के पोल सड़क, खुले स्थान या दूसरी सुरक्षित जगहों पर लगाए जाते हैं, लेकिन यहां पोल घर की छत के अंदर दिखाई दे रहा है।
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इसी पोल के सहारे 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन आगे जा रही है। यानी घर की छत और बिजली के तारों के बीच दूरी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
11 हजार वोल्ट की लाइन ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता
11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन को आमतौर पर हाईटेंशन लाइन कहा जाता है। ऐसी लाइन के आसपास सुरक्षा दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। यही वजह है कि घरों, स्कूलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों के पास से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों को लेकर विशेष सावधानी बरती जाती है।
साकेत मोहल्ले के ग्रामीणों का कहना है कि उनके यहां बिजली लाइन घरों के काफी करीब से गुजर रही है। लोगों को चिंता है कि रोजमर्रा के काम के दौरान कोई व्यक्ति अनजाने में तार के बहुत पास पहुंच सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से सामने आया मामला
घर की छत पर लगे बिजली के पोल और उसके ऊपर से गुजरती हाईटेंशन लाइन का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति ने बिजली विभाग की व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि किसी भी वायरल वीडियो से पूरे मामले की तकनीकी स्थिति तय नहीं की जा सकती। इसके लिए बिजली विभाग की टीम का मौके पर जाकर निरीक्षण करना जरूरी है।
ग्रामीणों का दावा- पहले भी झुलस चुके हैं लोग
ग्रामीणों ने हाईटेंशन लाइन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घरों के पास से गुजर रही बिजली की लाइन के कारण पहले भी कुछ लोग करंट की चपेट में आकर झुलस चुके हैं।
हालांकि इन घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकती है, लेकिन ग्रामीणों की शिकायत को नजरअंदाज करना भी उचित नहीं होगा। अगर किसी क्षेत्र में लोगों को लगातार बिजली लाइन से खतरा महसूस हो रहा है तो वहां सुरक्षा जांच जरूरी है।
कई बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, इस समस्या को लेकर संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है। लोगों का कहना है कि शिकायत करने के बावजूद अभी तक हाईटेंशन लाइन को घरों से दूर करने की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई।
ग्रामीणों की नाराजगी की एक वजह यह भी है कि बिजली की लाइन से जुड़ी समस्या को वे रोज अपनी आंखों के सामने देखते हैं। घर की छत पर लगा पोल और उसके ऊपर से गुजरते तार किसी भी समय चिंता का कारण बन सकते हैं।
बच्चों के लिए सबसे ज्यादा खतरा
हाईटेंशन लाइन घर के करीब होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर सबसे ज्यादा चिंता जताई जा रही है। बच्चे अक्सर घर की छत पर खेलते हैं या किसी काम से ऊपर जाते हैं। उन्हें बिजली के तारों से होने वाले खतरे की पूरी जानकारी नहीं होती।
ऐसे में अगर कोई बच्चा तार के बहुत करीब पहुंच जाता है तो स्थिति गंभीर हो सकती है। हाईटेंशन लाइन से जुड़े मामलों में सिर्फ तार को छूना ही जरूरी नहीं होता; बहुत ज्यादा नजदीक पहुंचना भी खतरनाक हो सकता है।
हाईटेंशन लाइन को सुरक्षित जगह शिफ्ट करने की मांग
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन को घरों से दूर करने की मांग की है। उनका कहना है कि लाइन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने से सबसे बड़ी राहत मिलेगी।
इसके लिए विभाग को पहले मौके का निरीक्षण करना होगा। यह देखना होगा कि पोल कहां लगा है, तार की ऊंचाई कितनी है, घर से उसकी दूरी कितनी है और मौजूदा लाइन को किस रास्ते से सुरक्षित तरीके से ले जाया जा सकता है।






