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Mohan Cabinet : मोहन कैबिनेट बैठक के बड़े फैसले, सिवनी-बालाघाट फोरलेन, किसान आईडी और युवाओं के कौशल विकास पर जोर

बैठक में विकास और जनसुविधाओं से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए। 10,630 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी के साथ सड़क निर्माण, किसान सुविधाओं और युवाओं के रोजगार-कौशल विकास पर सरकार ने जोर दिया। सिवनी-बालाघाट मार्ग को फोरलेन करने, किसानों की फॉर्मर आईडी बनाने, खाद खरीद की प्रक्रिया आसान करने और भूमि अधिग्रहण में सहमति से चार गुना मूल्य देने का फैसला हुआ है।
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मध्यप्रदेश में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा, सामाजिक कल्याण, किसान सुविधाओं और युवाओं के कौशल विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने इन क्षेत्रों से संबंधित कार्यों के लिए कुल 10,630 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।

बैठक के बाद लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पिछले दो महीनों में पीथमपुर और ग्वालियर में औद्योगिक निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आए हैं।

बारिश से प्रभावित किसानों के लिए तैयारी के निर्देश

कैबिनेट में अतिवृष्टि और अल्पवृष्टि की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों में आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए ताकि बारिश की कमी या अधिकता से प्रभावित किसानों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

गांव-गांव जाकर बनाई जाएगी किसान आईडी

किसानों से जुड़ी डिजिटल सुविधाओं को आसान बनाने के लिए सरकार ने फार्मर आईडी बनाने पर भी जोर दिया है। इसके लिए शासकीय दल किसानों के पास जाकर उनकी आईडी बनाने का काम करेंगे। वहीं, खाद वितरण की ई-विकास प्रणाली को सरल करने का निर्णय लिया गया है। ई-विकास-2 के तहत किसान बिना पंजीयन एक उर्वरक खरीद सकेंगे। इसके साथ ही व्हाट्सऐप के माध्यम से खाद की बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

जमीन अधिग्रहण में सहमति से चार गुना कीमत पर खरीदी

भूमि अधिग्रहण को लेकर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि पहले ही भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को दोगुने से बढ़ाकर चार गुना किया गया था। अब भूमि मालिक की आपसी सहमति से उसकी जमीन कलेक्टर गाइडलाइन के चार गुना मूल्य पर खरीदी जा सकेगी। सरकार का कहना है कि इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में सहमति और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।

युवाओं की पढ़ाई से रोजगार तक बनेगी कार्ययोजना

मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की ‘विकसित भारत में कौशल विकास’ विषय पर जारी नवीनतम रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश में काम करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत ऐसे युवाओं को चिन्हित किया जाएगा जिन्हें पढ़ाई, रोजगार, कौशल विकास या स्वरोजगार से जोड़ने की जरूरत है।

इसके लिए एक वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा। इसमें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। विभिन्न विभाग मिलकर युवाओं के लिए शिक्षा से रोजगार और स्वरोजगार तक की ठोस रणनीति तैयार करेंगे।

उज्जैन के धनवंतरि विश्वविद्यालय में पदों को मंजूरी

कैबिनेट ने उज्जैन के धनवंतरि विश्वविद्यालय के लिए आवश्यक पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है। इससे विश्वविद्यालय के संचालन और शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार का रास्ता साफ होगा।

सिवनी-बालाघाट हाईवे बनेगा फोरलेन

कैबिनेट ने सिवनी-बालाघाट स्टेट हाईवे को फोरलेन में बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसकी लंबाई 99.64 किलोमीटर होगी। परियोजना में करीब 6 किलोमीटर वन क्षेत्र भी शामिल है, जिसे पर्यटन की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा। परियोजना पर करीब 3,458 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के अनुसार, सड़क के फोरलेन बनने के बाद इस मार्ग पर यात्रा का समय करीब दो घंटे से घटकर एक घंटे रह जाएगा। इस परियोजना की वित्तीय स्वीकृति दी जा चुकी है और इसे 17 वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

12 नई सड़क परियोजनाएं एमपीआरडीसी को

प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 12 नई सड़क परियोजनाओं को मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को हस्तांतरित करने का फैसला लिया गया है। सरकार का फोकस बेहतर कनेक्टिविटी के साथ औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को गति देने पर है।

अब बीएनएस के तहत केस दर्ज कर सकेगा ईओडब्ल्यू

कैबिनेट ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी ईओडब्ल्यू को भारतीय न्याय संहिता के तहत मामले दर्ज करने के लिए अधिकृत करने का निर्णय लिया है। मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि 1 जुलाई 2024 से भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद आपराधिक मामलों में नए कानूनी प्रावधान प्रभावी हुए हैं। इससे पहले आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के प्रकरण भारतीय दंड संहिता, 1860 की धाराओं के तहत दर्ज किए जाते थे। अब ईओडब्ल्यू को बीएनएस के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया है।

निवेश और विकास को लेकर सरकार का फोकस

कैबिनेट के फैसलों में एक ओर जहां सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान किए गए हैं वहीं दूसरी ओर किसानों की डिजिटल सुविधाओं, युवाओं के कौशल विकास, भूमि अधिग्रहण और आर्थिक अपराधों से निपटने की व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। सरकार ने इन फैसलों के जरिए निवेश, रोजगार, किसान सुविधा और आधारभूत ढांचे को एक साथ गति देने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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