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जब टैबलेट बना EVM, बच्चे पीठासीन अधिकारी, उंगली पर लगी स्याही, विद्यार्थियों ने स्कूल में सीखी लोकतंत्र की चुनाव प्रक्रिया

Written by:Atul Saxena
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भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, इसे Mother of Democracy कहा जाता है, भारत निर्वाचन आयोग यहाँ सभी तरह के चुनाव संपन्न कराता है , भारत दुनिया का युवा देश है इसलिए यहाँ निर्वाचन में युवा मतदाताओं का अहम् रोल भी है।
जब टैबलेट बना EVM, बच्चे पीठासीन अधिकारी, उंगली पर लगी स्याही, विद्यार्थियों ने स्कूल में सीखी लोकतंत्र की चुनाव प्रक्रिया

राजधानी भोपाल के कमला नेहरु सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में विद्यार्थी आज शनिवार को EVM के जरिये मतदान करते दिखाई दिए, विद्यालय का नजारा कुछ अलग ही था, यहाँ ऐसा दृश्य दिखाई दे रहा था जैसे कोई आम चुनाव हो रहा हो, बाकायदा उम्मीदवारों के नाम, मतदान करते मतदाता,  मतदान केंद्र सब कुछ ठीक वैसा जैसा सांसद या विधायक चुनते वक्त होता है, हमें जिज्ञासा हुई तो जानकारी हासिल की और जो कुछ जानकारी हमें मिली हम आपसे साझा करते हैं।

भारत में आम चुनाव यानि लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव EVM मशीन के माध्यम से होते हैं और परिणाम के बाद सरकार का गठन होता है  जो देश की सत्ता पर काबिज होती है, इन चुनावों में देश के मतदाताओं का बहुत महत्व होता है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में नव मतदाता यानि 18 वर्ष की आयु कर पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं पर फोकस बढ़ा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवा मतदाताओं को आगे आकर देश के चुनाव में हिस्सा लेने के अपील लगातार कर रहे हैं।

सांदीपनि विद्यालय में संपन्न हुआ छात्र परिषद् निर्वाचन

राजधानी भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय ने प्रधानमंत्री मोदी के इसी विचार के तहत नवाचार करते हुए उनके यहाँ होने वाले छात्र परिषद् के निर्वाचन को आम चुनाव की शक्ल दे दी, इसलिए  27 सितम्बर को विद्यालय में आम चुनावों सा नजारा देखने को मिला । सजे-धजे मतदान केन्द्र, हर केन्द्र पर श्रेणीवार मतदान अधिकारी, लाइन में खड़े मतदाता, ईवीएम मशीनों की बीप की आवाज और तर्जनी अंगुली पर अमिट स्याही का निशान, सब कुछ आम निर्वाचन व्यवस्था अनुसार हो रहा था।

टैबलेट को बनाया EVM, अपनाई गई पूरी निर्वाचन प्रक्रिया 

विद्यालय में छात्र परिषद का निर्वाचन भारतीय निर्वाचन प्रक्रिया के अनुसार संपन्न कराया गया। खास बात ये है कि इसमें एक नवाचार भी किया गया,  शासन द्वारा शिक्षकों को दिए गए टैबलेट को ईवीएम मशीन के रूप में उपयोग कर मतदान कराया गया। मतदान से पूर्व निर्वाचन प्रक्रिया के सभी चरण जैसे अधिसूचना जारी होना, प्रत्याशी नामांकन, नामांकन परीक्षण, मतदाता सूची जारी करना और मुख्य चुनाव अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट, निर्वाचन पर्यवेक्षक, पीठासीन अधिकारी, p1, p2, p3 अधिकारी, सुरक्षा अधिकारी आदि की नियुक्ति भी की गई और ये सभी बच्चे ही बनाये गए ।

मतदान कर खुश दिखाई दिये बच्चे, सीखी लोकतंत्र की प्रक्रिया 

मतदान करने वाले विद्यार्थी निर्वाचन की प्रक्रिया में शामिल होकर बहुत खुश दिखाई दिए, उन्होंने कहा कि अभी हम 18 साल के नहीं हुए लेकिन हमने यहाँ सीखा कि कैसे वोट दिया जाता है, यहाँ पूरी निर्वाचन प्रक्रिया समझाई गई, हम विद्यार्थियों ने ही पूरा निर्वाचन सम्पन्न कराया, उन्होंने कहा जब हमें वोट देने का अधिकार मिलेगा और पहली बार वोट करने जायेंगे तो किसी तरह की घबराहट या हिचकिचाहट नहीं होगी।

लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया से परिचित कराना उद्देश्य : प्रिंसिपल 

विद्यालय की प्रिंसिपल  संगीता सक्सेना ने बताया कि हमारे स्कूल में हर साल छात्र परिषद् का गठन होता है, इस बार तय किया गया कि विद्यार्थियों के लिए कुछ नया किया जाये इसलिए विद्यार्थियों को देश की लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया से परिचित कराने के लिए एवं मतदान के महत्व बताने के लिए छात्र परिषद् निर्वाचन को आम निर्वाचन की तरह कराया गया है।

भोपाल से जितेंद्र यादव की रिपोर्ट