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गलत खाद सप्लाई में MP देश में दूसरे स्थान पर, घटिया खाद क्वालिटी में तीसरा नंबर, कमलनाथ ने सरकार की नीतियों और मंशा पर उठाए सवाल

Written by:Shruty Kushwaha
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लोकसभा में पेश आंकड़ों के मुताबिक मध्यप्रदेश में खाद संकट गंभीर रूप ले चुका है। इन आंकड़ों के हवाले से कमलनाथ ने कहा कि खाद की कमी से किसान परेशान हैं, फसलें प्रभावित हो रही हैं और कर्ज का बोझ बढ़ रहा है लेकिन सरकार समय रहते ठोस कदम उठाने में नाकाम रही है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, राजनीतिक संरक्षण खत्म करने और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है।
गलत खाद सप्लाई में MP देश में दूसरे स्थान पर, घटिया खाद क्वालिटी में तीसरा नंबर, कमलनाथ ने सरकार की नीतियों और मंशा पर उठाए सवाल

Kamal Nath

कमलनाथ ने खाद संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे सिर्फ वितरण की अव्यवस्था नहीं बल्कि सरकार की गलत नीतियों करार दिया है। उन्होंने संसद में पेश किए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि गलत जगह खाद बांटने के मामलों में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है और घटिया क्वालिटी वाली खाद के मामलों में तीसरे स्थान पर, जिससे सरकार की नीतियों और मंशा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि खाद की कमी के कारण किसान परेशान हैं, फसलें प्रभावित हो रही हैं और कर्ज का बोझ बढ़ रहा है लेकिन सरकार ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

खाद संकट को लेकर सरकार को घेरा

कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में खाद संकट को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा है कि यह समस्या अव्यवस्था नहीं बल्कि प्रशासन की “नीतियों और मंशा” पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। उन्होंने कहा कि “लोकसभा में पेश किए गए आंकड़े खुद इस सच्चाई को उजागर करते हैं कि पिछले 9 महीनों में प्रदेश में घटिया गुणवत्ता की खाद के 44 मामले और गलत सप्लाई के 631 मामले सामने आए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और इसका सबसे बड़ा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है।”

कमलनाथ ने किए सवाल

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने प्रदेश सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि 631 गलत सप्लाई मामलों में सिर्फ 160 लाइसेंस रद्द किए गए और महज 15 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि बड़े दोषियों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने कहा कि “छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई करके सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।” कमलनाथ ने यह भी आरोप लगाया कि कई जगह राजनीतिक दबाव और प्रभावशाली लोगों को खुश करने के कारण खाद जरूरतमंद इलाकों तक नहीं पहुंच पाई और असली जरूरतमंदों को दरकिनार किया गया।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

कमलनाथ ने कहा कि किसानों के साथ इस अन्याय की पूरी जिम्मेदारी सरकार को लेनी होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, राजनीतिक संरक्षण खत्म किया जाए और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने पर स्पष्ट हो जाएगा कि मध्यप्रदेश में किसान हितों की अनदेखी हो रही है और सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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