मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज बड़वानी में हो रही मध्य प्रदेश की पहली “कृषि कैबिनेट” बैठक से पहले कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गेहूं खरीदी का समर्थन मूल्य 2700 प्रति क्विंटल तय करने की मांग की है। इसे लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है और आग्रह किया कि सरकार राजनीतिक द्वेष से ऊपर उठकर किसानों के हित में सकारात्मक निर्णय ले।
उन्होंने पंजीयन प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतों, खरीदी केंद्रों की कमी और कटाई पूरी होने के बावजूद मंडियों में कम दाम की शिकायतें भी उठाईं। कांग्रेस नेता ने मांग की है कि तत्काल खरीदी केंद्रों की सूची जारी हो और समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू की जाए।
जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव को लिखा पत्र
जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव को पत्र लिखकर बड़वानी की कृषि कैबिनेट बैठक में गेहूं की खरीदी 2700 रुपये प्रति क्विंटल के मान से सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि राजनीतिक द्वेष से ऊपर उठकर सरकार हमारे सुझाव को सकारात्मक रूप से स्वीकार करें और किसानों को उनकी मेहनत का उचित दाम मिले। अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि ‘प्रदेश में लगातार किसान सरकार की नीतियों के दुष्परिणाम भुगतने को विवश हैं। कहने को तो आपने वर्ष 2025 को कृषि वर्ष घोषित किया है। कृषि कैबिनेट भी आयोजित हो रही है पर जमीन पर इसके परिणाम नजर नहीं आ रहे हैं। मध्य प्रदेश में गेहूं की खेती बड़े पैमाने पर होती है। किसान मेहनत से अपनी फसल उगाता है, पर उसे पर्याप्त दाम भी नहीं मिल पाते हैं। इस वर्ष भी गेहूं समर्थन मूल्य से नीचे बिक रहा है।’
किसानों के हित में एमएसपी और बोनस बढ़ाने की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि प्रदेश में कई किसानों ने गेहूं की कटाई शुरू कर दी है लेकिन अपनी मेहनत का उचित मूल्य न मिलने के कारण वो औने-पौने दाम पर फसल बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि ‘किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि सरकार तत्काल खरीदी केंद्रों की सूची जारी करे और समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू करे।’ जीतू पटवारी ने कहा है कि ‘खेदपूर्वक यह बात कहना पड़ रही है कि सरकार सिर्फ कैबिनेट और वर्ष घोषणा में ही किसानों की बात करती है। हकीकत में उनके उत्पादन, लाभ या कल्याण को लेकर सरकार को न कोई चिंता है ना सोच और ना पहल।’ इसी के साथ उन्होंने सीएम से गेंहू का समर्थन मूल्य तय करने के साथ इसकी बोनस राशि भी बढ़ाने की मांग की है।






