मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने आज भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में “राज्य स्तरीय जनजातीय उपयोजना (TSP) कार्यशाला” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जनजातीय वर्ग के समग्र विकास और बजट के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में देश के जनजातीय समाज का एक बड़ा हिस्सा निवास करता है, ऐसे में उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार लगातार जन-कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समाज को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। बजट में वृद्धि के साथ-साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि विकास का लाभ तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने कहा “बजट बढ़ाकर जनजातीय समाज के विकास के लिए प्रतिबद्ध”
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दो दिवसीय इस कार्यशाला में विभिन्न सत्रों के माध्यम से जनजातीय समाज के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए प्रभावी रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने जनजातीय समुदाय के विकास को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि प्रदेश में देश की बड़ी जनजातीय आबादी निवास करती है, जिसके समग्र उत्थान के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही हैं। सीएम ने कहा कि “देश के जनजातीय वर्ग का एक बड़ा हिस्सा हमारे प्रदेश में निवास करता है। विकास की मुख्यधारा में जनजातीय समाज भी कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़े, इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार निरंतर बजट में वृद्धि कर उनके सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है।रा से जोड़ा जा सके।”
बजट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए निर्धारित बजट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से इस वर्ग के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनजातीय उपयोजना के तहत निर्धारित बजट का समयबद्ध और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंच सके।






