सरकारी कर्मचारियों अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के लिए काम की खबर है। मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 की नई तबादला नीति को लेकर ताजा अपडेट आया है। खबर है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तरफ से संकेत मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने नई तबादला नीति का ड्राफ्ट तैयार करने में जुट गया है।
अप्रैल के अंत या मई के पहले सप्ताह में कैबिनेट की बैठक में नई तबादला नीति के प्रस्ताव को लाया जा सकता है। यहां से मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में एक निश्चित या सीमित अवधि (15 से 30 दिन) में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले किए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में कई सीनियर मंत्रियों और विधायकों ने तबादलों से बैन हटाने के लिए नई नीती लागू की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सहमति जताई है।
चर्चा है कि पिछली बार की तरह इस बार भी जिलों के भीतर (Class-III और Class-IV) कर्मचारियों के तबादले का अधिकार प्रभारी मंत्रियों को दिया जा सकता है। प्रभारी मंत्री विभागीय अधिकारियों के समन्वय से जिले के अंदर तबादले कर सकेंगे। हालांकि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले पहले कलेक्टर स्तर पर प्रस्तावित होंगे, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
खबर है कि तबाड़तोड़ तबादलों पर रोक लगाने के लिए एक सीमा तय की जाएगी ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में कोई बड़ा व्यवधान न आए।। इसके तहत किसी भी विभाग में कुल कर्मचारियों की संख्या के अधिकतम 10% से 15% तक ही तबादले करने की अनुमति दी जाएगी। नई नीति में गंभीर बीमारी, प्रशासनिक, स्वेच्छा सहित अन्य आधार स्थानांतरण को प्राथमिकता दी जा सकती है। इसका लाभ उन अधिकारियों-कर्मचारियों को भी मिलेगा जो लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ है या फिर अपने गृह विधानसभा या तहसील में पदस्थ होना चाहते हैं।






