नई दिल्ली: राज्यसभा उपसभापति पद के लिए 17 अप्रैल को चुनाव होने वाला है। एनडीए एक बार फिर हरिवंश नारायण सिंह को इस पद के लिए उम्मीदवार बनाने की तैयारी में है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष की ओर से इस चुनाव का विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने उपसभापति पद के चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार उपसभापति की नियुक्ति को जल्दबाजी में थोपना चाहती है।
कांग्रेस नेता ने बताई उपसभापति के चुनाव के बहिष्कार की तीन वजह
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर कर इस फैसले के पीछे के कारणों को भी बताया। कांग्रेस नेता ने इसके पीछे की तीन वजह सामने रखीं। जयराम रमेश ने कहा, पहली बात, मोदी सरकार ने 7 साल से लोकसभा में उपाध्यक्ष नियुक्त नहीं किया है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
दूसरी बात, राज्यसभा में उपाध्यक्ष का समकक्ष उपसभापति होता है। हरिवंश का दूसरा अवधि 9 अप्रैल को खत्म हो गई है। एक दिन बाद उन्हें भारत के राष्ट्रपति ने राज्यसभा के मेंबर के तौर पर मनोनित किया और अब वे तीसरे टर्म के लिए एनडीए के उपसभापति पद के उम्मीदवार हैं। इससे पहले कभी भी राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के लिए नामित किए गए किसी व्यक्ति पर उपसभापति के पद के लिए विचार नहीं किया गया।
तीसरी बात, यह सब विपक्ष के साथ बिना किसी मतलब की सलाह के किया जा रहा है। इन तीन वजहों से और विरोध के तौर पर- लेकिन बहुत विद्वान हरिवंश का कोई अनादर नहीं करते हुए – विपक्ष ने अफसोस के साथ 17 अप्रैल को होने वाले उपसभापति के चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है। विपक्ष को उम्मीद है कि हरिवंश 3.0 विपक्ष की अनुरोध को ज़्यादा मानेंगे और उन्हें मानेंगे।
टीएमसी नेता ने भी उपसभापति चुनाव पर उठाए सवाल
तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने भी भाजपा पर उच्च सदन में उपसभापति पद के चुनाव को लेकर जल्दबाजी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा 17 अप्रैल को चुनाव कराना चाहती है, जबकि कई सांसद राज्य चुनावों में व्यस्त हैं। इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे समय में चुनाव कराना उचित नहीं है। टीएमसी नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “संसद का फिर से मजाक उड़ाया जा रहा है।
First, the Modi Govt has not appointed a Deputy Speaker in the Lok Sabha for 7 years. This has never happened before.
Second, the Deputy Speaker’s counterpart in the Rajya Sabha is the Deputy Chairman. Shri Harivansh’s second term ended on April 9th. A day later he was nominated…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) April 16, 2026





