
दिवाली से पहले मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। निम्न दबाव के क्षेत्र के तीव्र होकर गहरे अवदाब में परिवर्तित होने से अक्टूबर अंत में बादल छाने के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इसका असर पूर्वी हिस्से में ज्यादा देखने को मिलेगा। भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में मौसम साफ रहने का अनुमान है। फिलहाल 3 दिन मौसम साफ रहेगा।
शनिवार रात कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इंदौर, अमरकंटक, दमोह, पचमढ़ी, शाजापुर और बैतूल में 13 से 14 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अमरकंटक, मलाजखंड, शिवपुरी, बैतूल और पचमढ़ी में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के अंदर रहा।
मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं, ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बादल छाए रहेंगे और बूंदाबांदी होने के भी आसार हैं। इससे पहले पिछले हफ्ते पूर्वी और पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर देखने को मिला था।
28 अक्टूबर से फिर बदलेगा मौसम, पूर्वी हिस्से में बारिश के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ, एक चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में उत्तरी पाकिस्तान तथा निकटवर्ती क्षेत्रों के ऊपर माध्य समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई के बीच अवस्थित है। साथ ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ, माध्य समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई पर उत्तर में विस्तृत है। एक प्रेरित ऊपरी चक्रवातीय परिसंचरण, पश्चिमी राजस्थान तथा निकटवर्ती क्षेत्रों के ऊपर माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। निम्न दबाव का क्षेत्र शुक्रवार, 25 अक्टूबर को और तीव्र होकर गहरे अवदाब में परिवर्तित होने की संभावना है। इसके पश्चात 26 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवातीय तूफान में परिवर्तित होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढकर तीव्र होगा । साथ ही 28 अक्टूबर के आसपास आंध्र प्रदेश तट के निकट पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर पहुँचेगा। इसके असर से प्रदेश में बादल छाने के साथ फिर बारिश की संभावना जताई गई है।
इस साल सामान्य से 4 फीसदी कम हुई बारिश
- इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून से 3 अक्टूबर 2026 यानि 100 दिन मध्य प्रदेश में सक्रिय रहा। प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है लेकिन इस अवधि में 35.8 इंच (95.9%) बारिश हुई। इन आंकड़ों के हिसाब से इस साल प्रदेश में करीब 4% यानि 1.5 इंच बारिश कम हुई।
- राहत की बात ये रही कि प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया लेकिन 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा पानी गिरा, लेकिन पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश हुई।
- भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश का कोटा पूरा हो गया ।
- नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर में सामान्य से कम बारिश हुई।


