बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान अर्नब भले ही कमजोर हो गया है लेकिन अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश में 3-4 नवंबर तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। खास करके दक्षिणी और पूर्वी हिस्से में असर ज्यादा देखने को मिलेगा।  शनिवार को 27 जिलों में बादल और बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

गुरुवार-शुक्रवार को खजुराहो, राजगढ़, सीधी, नौगांव, सतना, शिवपुरी, टीकमगढ़, उमरिया, दतिया, सागर, जबलपुर, मलाजखंड, रीवा, अनूपपुर, अमरकंटक,रतलाम, श्योपुर, मऊगंज और सिंगरौली में बारिश हुई। अधिकतम तापमान (दिन) में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई लेकिन न्यूनतम तापमान (रात) सामान्य से 2 से 3 डिग्री ऊपर रहा।

मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, निम्न दबाव के क्षेत्र के 31 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी,अंडमान निकोबार द्वीप समूह और अंडमान सागर के आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक अवदाब के रूप में केंद्रित होने की संभावना है। इसके बाद, अगले 2 दिनों के दौरान इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने की संभावना है। वर्तमान में चक्रवातीय परिसंचरण , ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इन सभी मौसम प्रणालियों के असर से 3-4 नवंबर तक बादल बारिश की स्थिति बनी रहेगी, इसके बाद गतिविधियों में कमी देखने को मिलेगी।

शनिवार को कहां-कहां होगी बारिश

  • ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
  • भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, धार, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर और आसपास के जिलों में मौसम साफ रह सकता है, कहीं-कहीं बादल छा सकते हैं, बारिश की संभावना कम है।

इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून से 3 अक्टूबर 2026 यानि 100 दिन मध्य प्रदेश में सक्रिय रहा। प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है लेकिन इस अवधि में 35.8 इंच (95.9%) बारिश हुई। इन आंकड़ों के हिसाब से इस साल प्रदेश में करीब 4% यानि 1.5 इंच बारिश कम हुई। प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया लेकिन 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा पानी गिरा, लेकिन पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश हुई।