मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के छठवें दिन विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों ने भारत–अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में गांधी प्रतिमा के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने इस प्रस्तावित व्यापार समझौते को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि इससे देश के अन्नदाताओं को नुकसान होगा और उनके अधिकारों तथा भविष्य पर खतरा मंडरा सकता है।
उमंग सिंघार ने कहा कि ये प्रदर्शन सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि किसानों के सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई है। उन्होंने भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर सरकार की नीति पर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को होने वाले आंदोलन को लेकर कहा कि कांग्रेस देश के अन्नदाताओं के अधिकार, सम्मान और भविष्य की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
कांग्रेस ने विधानसभा परिसर में किया विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस ने आज विधानसभा परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को किसान-विरोधी बताया। विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक दल ने गांधी प्रतिमा के सामने सांकेतिक प्रदर्शन कर सरकार और केंद्र की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। इस मौके पर उमंग सिंघार ने कहा कि सोयाबीन, मक्का, कपास, फल और डेयरी उत्पादकों को विशेष रूप से नुकसान होने की आशंका है, क्योंकि अमेरिका से सस्ते कृषि उत्पादों के आयात से घरेलू बाजार में कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। बता दें कि ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस मंगलवार को भोपाल में “किसान चौपाल” आयोजित करने जा रही है जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी शामिल होंगे।
उमंग सिंघार ने स्मार्ट मीटर डील को लेकर सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर भी प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि स्मार्ट मीटर की डील आम जनता के हित में है या अडानी ग्रुप जैसे बड़े उद्योगपतियों के लाभ के लिए। उन्होंने मांग की कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी पूरी डील सार्वजनिक की जाए, ठेकेदार कंपनियों की जांच कराई जाए और बिजली दरें कम की जाएं। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार प्रदेश को बिजली सरप्लस बताती है फिर भी आम उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध नहीं हो रही है। उनका आरोप था कि सरकार बिजली दरों में बढ़ोतरी कर बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचा रही है, जबकि आम लोगों को राहत मिलनी चाहिए। इसी के साथ नेता प्रतिपक्ष ने भोपाल–जबलपुर एनएचएआई हाईवे पर ओवरब्रिज के एक हिस्से के गिरने की घटना को गंभीर मामला बताते हुए लोक निर्माण विभाग से तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की।






