हिमाचल दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किन्नौर जिले की महिलाओं के लिए नई आर्थिक सहायता योजना की घोषणा की है। दरअसल उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की सालाना आय 2 लाख रुपये से कम है, उन परिवारों की 21 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी।
दरअसल रिकांगपियो में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहायता राशि इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को सीधी मदद पहुंचाना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह लाभ उन बेटियों और महिलाओं को मिलेगा जिन्होंने 1 अप्रैल 2026 तक 21 वर्ष की उम्र पूरी कर ली होगी। वहीं कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई अन्य फैसलों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2022 के बीच रिटायर हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मई महीने में ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट का भुगतान कर दिया जाएगा।
हिमाचल दिवस कार्यक्रम में कई अहम घोषणाएं
दरअसल इस राज्य स्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने रिकांगपियो में तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। इस कार्यक्रम में सुरक्षा बलों की कई टुकड़ियों ने हिस्सा लिया। इसी तरह के समारोह राज्य के अन्य जिलों में भी आयोजित किए गए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रिकांगपियो के सरकारी संस्थानों, स्कूलों और घरों को भू-तापीय ऊर्जा आधारित केंद्रीय हीटिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। पहाड़ी इलाकों में सर्दियों के दौरान ठंड बहुत ज्यादा होती है, इसलिए यह सुविधा लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब सभी छात्रों से एक समान फीस ली जाएगी, ताकि शिक्षा व्यवस्था में संतुलन बना रहे। उन्होंने यह भी बताया कि क्लास-1 और क्लास-2 अधिकारियों के वेतन स्थगन से जुड़ा आदेश वापस ले लिया गया है।
किन्नौर के विकास को लेकर भी बड़ी योजनाएं
वहीं कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किन्नौर जिले के विकास से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स का भी ऐलान किया। उन्होंने बताया कि तरांडा गांव को यातायात सुरंग से जोड़ने के लिए 8 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। इससे इलाके में यात्रा आसान हो सकेगी और लोगों को आने-जाने में कम समय लगेगा। इसके अलावा छोल्टू उच्च पाठशाला को सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अपग्रेड किया जाएगा और वहां सीबीएसई का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। दरअसल मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किन्नौर जिले का पॉलिटेक्निक कॉलेज, जो अभी रोहड़ू में चल रहा है, उसे जल्द उरनी में शिफ्ट किया जाएगा। इससे स्थानीय छात्रों को तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी।
एक और अहम घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिपकी-ला मार्ग के जरिए चीन के साथ सीमा व्यापार 1 जून से फिर शुरू किया जाएगा। लंबे समय से बंद इस व्यापार के शुरू होने से स्थानीय व्यापारियों और अर्थव्यवस्था को फायदा मिलने की उम्मीद है।






