मध्यप्रदेश में आज से जनकल्याण शिविर प्रारंभ हो रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर ये सात दिवसीय शिविर 18 जून तक राज्यभर में आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के जरिए शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से वंचित पात्र लोगों को लाभ पहुंचाने के साथ-साथ आम नागरिकों की लंबित समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा।
डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकासखंड स्तर और नगरीय निकाय मुख्यालयों पर तीन दिवसीय शिविर लगाए जाएंगे। इनमें केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख हितग्राही योजनाओं के पात्र ऐसे लोग जो अभी तक लाभ से वंचित हैं, उनकी पहचान करके उनका पंजीयन, स्वीकृति और लाभ वितरण प्राथमिकता से किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत व्यक्तिगत शौचालय (IHHL) के आवेदनों पर भी तेजी से कार्रवाई होगी।
आज से जनकल्याण शिविर लगेंगे
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में साफ कहा गया है कि शिविरों का रोस्टर इस तरह तैयार किया जाए कि कलेक्टर, अपर कलेक्टर या मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ शिविरों में उपस्थित रहें। विभागीय योजनाओं, सेवाओं, शिकायतों और लंबित मामलों का मौके पर परीक्षण कर यथासंभव तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाए।
शिविरों में प्राप्त आवेदनों का पंजीकरण और निराकरण सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। पोर्टल पर एक अलग मॉड्यूल बनाकर अधिकारियों को लॉगिन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला कलेक्टर इन शिविरों के सफल आयोजन, विभागीय समन्वय और समयबद्ध लाभ वितरण के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे। शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक यहां पहुंच सकें। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
क्या होगा शिविरों में
- विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे जहां एक ही छत के नीचे आवेदन, पंजीयन और लाभ वितरण की सुविधा मिलेगी।
- केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
- हितग्राहियों के साथ संवाद, सफलता की कहानियां और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।
- जिन समस्याओं का तुरंत समाधान संभव न हो, उनके लिए समयसीमा तय कर आवेदक को सूचना दी जाएगी और नियमित फॉलोअप होगा।






