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MP राज्यसभा चुनाव: मीनाक्षी नटराजन नामांकन रद्द मामला, कांग्रेस की याचिका पर आज सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

Written by:Pooja Khodani
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मध्य प्रदेश कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट मे सुनवाई होना है। भाजपा ने हलफनामे में आपराधिक प्रकरण की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है, जिसके बाद स्क्रूटनी के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन रद्द कर दिया है।

एक तरफ कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन पत्र खारिज होने के 11 जून को बीजेपी के तीनों प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित हो गए। निर्वाचन प्रक्रिया समापन के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने तीनों विजयी प्रत्याशियोंको औपचारिक रूप से निर्वाचन प्रमाण पत्र भी सौंप दिए। वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार, 12 जून को मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द मामले में कांग्रेस की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होना है, जिस पर सबकी निगाहें है।

कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखेंगे। इससे पहले गुरुवार को अभिषेक मनु सिंघवी ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की थी। उन्होंने तर्क दिया कि यदि 11 जून नामाकंन वापसी की आखिरी तारीख है, मामले की तत्काल सुनवाई नहीं हुई तो याचिकाकर्ता को प्रभावी राहत पाने के लिए छह वर्ष तक इंतजार करना पड़ सकता है। साथ ही अनुरोध किया गया कि विवाद के अंतिम फैसले तक चुनाव परिणाम की घोषणा पर रोक लगाई जाए। अवकाशकालीन पीठ के न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति अतुल एस. चांदुरकर ने मामले की शीघ्र सुनवाई का आश्वासन दिया लेकिन परिणाम की घोषणा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया।

कांग्रेस को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में थोड़ी राहत मिल सकती है। इधर, कांग्रेस विधायक  न्याय की गुहार लगाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने  दिल्ली पहुंच गए हैं हालांकि राष्ट्रपति इन दिनों दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं, ऐसे में मुलाकात की संभावना कम है।

अबतक का पूरा घटनाक्रम

  • 8 जून को कांग्रेस द्वारा नामांकन भरे जाने के बाद 9 जून को भाजपा उम्मीदवार महेश केवट और भाजपा नेता राहुल कोठारी ने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई। आरोप लगाया कि नटराजन ने अपने नामांकन फॉर्म में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित आपराधिक मामले की जानकारी कथित तौर पर छुपाई ।
  • भाजपा की शिकायत पर रिटर्निंग आफिसर ने कांग्रेस को नोटिस देकर 9 जून को शाम 5:30 बजे तक जवाब देने के लिए कहा , लेकिन कोई संतोषजनक जवाब ना मिलने और चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाने पर निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन तकनीकी आधार पर रद्द कर दिया।
  • उसी रात करीब 10 बजे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, मप्र प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, आरिफ मसूद सहित कई विधायक भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय में धरने पर बैठ गए। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और सचिन पायलट समेत कई दिग्गज नेता भी नई दिल्ली में निर्वाचन आयोग के मुख्यालय (निर्वाचन सदन) में धरना देने के लिए पहुंच गए।
  • भारी हंगामे के बाद चुनाव आयोग ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को 10 जून 2026 को दोपहर 12 बजे निर्वाचन सदन, अशोका रोड, नई दिल्ली में बातचीत के लिए समय दिया है लेकिन यहां से भी कोई राहत नहीं मिली, जिसके बाद कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। इन सब के बीच 11 जून को  भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। निर्वाचन प्रक्रिया के समापन के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने तीनों विजयी प्रत्याशियों तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को औपचारिक रूप से विधानसभा परिसर में निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंप भी दिए। अब सभी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है, जो एमपी की राजनीति की अगली दिशा तय करेगा।
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लेखक के बारे में
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