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‘370 की बिरयानी’ विवाद में कॉमेडियन प्रणीत मोरे पर FIR, महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने कसा शिकंजा

Written by:Bhawna Choubey
Published:
सोशल मीडिया पर वायरल हुए ‘370 की बिरयानी’ विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और डॉ. सेजल पवार समेत कई लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट प्रसारित करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए समन भी जारी किया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो को लेकर महाराष्ट्र में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने कॉमेडियन प्रणीत मोरे और उनके शो से जुड़े कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि शो के दौरान महिलाओं, सामाजिक मूल्यों और सार्वजनिक शालीनता से जुड़े विषयों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिनके वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अब कानूनी कार्रवाई का दायरा भी बढ़ गया है।

महाराष्ट्र साइबर पुलिस के नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के अनुसार, आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि वायरल कंटेंट की जांच में कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें सार्वजनिक मंच पर कही गई बातें सामाजिक मर्यादा और डिजिटल प्लेटफॉर्म के नियमों के खिलाफ मानी गई हैं।

‘370 की बिरयानी’ विवाद क्या है और क्यों बढ़ा मामला?

विवाद की शुरुआत उस वीडियो से हुई, जिसे सोशल मीडिया पर ‘370 की बिरयानी’ नाम से शेयर किया गया। यह वीडियो कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो का हिस्सा बताया जा रहा है। वीडियो में मौजूद हिमांशु जांगड़ा की कुछ टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई लोगों ने आरोप लगाया कि वीडियो में महिलाओं के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील बातें कही गई हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, वायरल क्लिप में डेटिंग और महिलाओं की सहमति जैसे गंभीर विषयों पर ऐसी टिप्पणियां की गईं, जिन्हें कई लोगों ने आपत्तिजनक माना। इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई और बड़ी संख्या में लोगों ने कार्रवाई की मांग की। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती शिकायतों और सार्वजनिक प्रतिक्रिया को देखते हुए साइबर पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में सार्वजनिक मंच पर कही गई बातों की जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है, क्योंकि कोई भी कंटेंट कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुंच सकता है।

प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और डॉ. सेजल पवार को समन

मामले की जांच के दौरान एक और वीडियो चर्चा में आया, जिसमें डॉ. सेजल पवार की टिप्पणियों को लेकर भी सवाल उठे। पुलिस के अनुसार, वीडियो में मेडिकल शिक्षा से जुड़े विषयों और मृत व्यक्तियों के संबंध में कथित रूप से ऐसी बातें कही गईं, जिन्हें सार्वजनिक शालीनता के खिलाफ माना गया। इसी आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया और अन्य संबंधित लोगों को भी मामले में शामिल किया गया।

महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने कॉमेडियन प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और डॉ. सेजल पवार को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए समन जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और डिजिटल सबूतों की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सोशल मीडिया कंटेंट, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उसकी सीमाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है और आरोपों पर संबंधित पक्षों का क्या जवाब सामने आता है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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