Hindi News

MP साइबर क्राइम: 60 प्रतिशत मामले हाई-वैल्यू फाइनेंशियल फ्रॉड के, साइबर सेल ने जारी की एडवाइजरी, जानें डिटेल्स

Written by:Shruty Kushwaha
Last Updated:
ये फ्रॉड आम साइबर ठगी से अलग हैं क्योंकि इनमें लाखों-करोड़ों रुपये शामिल होते हैं। अपराधी आमतौर पर सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप के ज़रिए आपका भरोसा जीतते हैं, फिर हाई रिटर्न का लालच देकर निवेश या गेमिंग प्लेटफॉर्म में पैसे जमा करने के लिए प्रेशर डालते हैं। राज्य साइबर सेल ने इसके मद्देनज़र एक एडवाइजरी जारी कर नागरिकों से सावधानी बरतने और किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा किए गए निवेश-प्रस्ताव पर तुरंत भरोसा न करने की अपील की है।
MP साइबर क्राइम: 60 प्रतिशत मामले हाई-वैल्यू फाइनेंशियल फ्रॉड के, साइबर सेल ने जारी की एडवाइजरी, जानें डिटेल्स

High-Value Financial Fraud,

मध्यप्रदेश स्टेट साइबर सेल ने राज्य में बढ़ते हाई वैल्यू फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। साइबर सेल एसपी प्रणय नागवंशी ने बताया कि पिछले कुछ समय से इस तरह के संगीन फाइनेंशियल क्राइम के मामलों में तेज़ी आई है और अब साइबर क्राइम की शिकायतों में करीब 60 प्रतिशत मामले इसी कैटेगरी के हैं।

साइबर सेल के अनुसार इस तरह के फ्रॉड में लाखों-करोड़ों रुपए की ठगी हो रही है और पीड़ितों में हर वर्ग के लोग शामिल हैं। लोग इससे बचें इसके लिए साइबर सेल ने एडवाइज़री भी जारी की है और लोगों को बताया जा रहा है कि किसी भी अप्रत्याशित रेट ऑफ रिटर्न के झांसे में न आएं।

एमपी में बढ़े हाई-वैल्यू फाइनेंशियल फ्रॉड के मामले

मध्य प्रदेश में साइबर ठगी के 60 फीसदी मामले अब हाई-वैल्यू फाइनेंशियल फ्रॉड के हैं। ये वो अपराध हैं जिनमें ठग एक व्यक्ति से लाखों-करोड़ों रुपये ठग लेते हैं। स्टेट साइबर सेल के अधिकारियों ने बताया कि ये फ्रॉड आम फिशिंग या छोटी ठगी से पूरी तरह अलग हैं क्योंकि इनमें ठग महीनों की प्लानिंग करते हैं।

साइबर सेल ने जारी की एडवाइजरी

राज्य साइबर सेल एसपी प्रणय नागवंशी ने हाई-वैल्यू फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरे को लेकर नागरिकों को आगाह किया है। उन्होंने बताया है कि यह प्रकार विशेष रूप से इनवेस्टमेंट फ्रॉड और गेमिंग फ्रॉड के अंतर्गत आता है, जिसमें धोखेबाज पहले व्यक्ति से मित्रता स्थापित करते हैं और फिर उन्हें हाई रिटर्न के साथ निवेश करने का लालच देकर फंसाते हैं। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में मिली शिकायतों में लगभग 60 प्रतिशत ऐसे ही हाई-वैल्यू फ्रॉड के मामले हैं। उन्होंने कहा है कि हम लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे इस जाल में न फंसें। इसके लिए साइबर सेल ने एक एडवाइज़री भी जारी की है और आम नागरिकों को इसके बारे में सावधान रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

इस तरह अपने जाल में फंसाते हैं अपराधी 

साइबर सेल के एसपी ने हाई-वैल्यू फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आमतौर पर इसमें ऑनलाइन प्लेटफार्म या सोशल मीडिया पर संपर्क किया जाता है। पहले विश्वास पैदा किया जाता है और फिर पैसा निवेश करवाने का झांसा दिया जाता है। इसमें स्कैमर बार-बार हाई रिटर्न का वादा कर निवेशक को भूलभुलैया में रखता है और कई बार शुरुआत में थोड़ा बहुत पैसा रिटर्न भी मिलता है। इस तरह अब बड़े स्तर पर फ़ाइनेंशियल फ्रॉड किया जा रहा है। उन्होंने निवेश करने से पहले लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।

जानिए क्या है हाई-वैल्यू फाइनेंशियल फ्रॉड

हाई-वैल्यू फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड वो साइबर अपराध हैं जिनमें बड़ी रकम (लाखों-करोड़ों में) की ठगी की जाती है। ये आम छोटे-मोटे फ्रॉड से अलग होते हैं क्योंकि इनमें ठग बहुत प्लानिंग, समय और भावनात्मक छलावे के साथ काम करते हैं। भारत में डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ ही ऐसे साइबर फ्रॉड मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। इसमें इन्वेस्टमेंट / शेयर मार्केट फ्रॉड सबसे आम हैं। यहां ठग व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप बनाते हैं और खुद को शेयर मार्केट एक्सपर्ट बताते हुए सामने वाले को झांसा देते हैं। इसके अलावा दोस्ती या प्रेमजाल में फंसाकर भी इन्वेस्टमेंट फ्रॉड किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया या डेटिंग ऐप पर नजदीकी बढ़ाने के बाद ठग सामने वाले को अपने जाल में फंसाते हैं। ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग फ्रॉड में कई फेक गेमिंग ऐप में शुरू में छोटी राशि से जीत दिखाते हैं। फिर वीआईपी ग्रुप में डालकर लाखों डलवाते हैं और एक झटके में सब गायब हो जाता है। इसके अलावा भी कई तरीके हैं जिनके ज़रिए स्कैमर्स लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।

इस तरह रहें सुरक्षित

साइबर पुलिस ने सलाह दी है कि किसी अनजान व्यक्ति के निवेश सुझाव पर भरोसा न करें।  SEBI रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म के अलावा कहीं पैसा न डालें। अगर कोई दोस्ती या प्यार करने का दावा करे और फिर पैसा मांगे तो तुरंत ब्लॉक करें। इमोशनल ट्रैप में न फंसे। और अगर किसी भी तरह की शंका हो तो तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क करें। पुलिस का कहना है कि लालच और भावनाएं ही इन ठगों का सबसे बड़ा हथियार हैं इसलिए जागरूक रहें, सुरक्षित रहें।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
Follow Us :GoogleNews