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जनजातीय अंचलों को सरकार ने दी सौगात, खुलेंगे 66 नए आंगनबाड़ी केंद्र, 134 नए पदों पर भर्ती की मंजूरी

Written by:Atul Saxena
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जानकारी के मुताबिक वर्ष 2025-26 से 2028-29 तक योजना पर राशि का व्यय भारत सरकार द्वारा प्राप्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। इस अवधि में योजना पर 15 करोड़ 21 लाख रुपये का व्यय अनुमानित है, जिसमें केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाली राशि 9 करोड़ 55 लाख रुपये है एवं राज्य सरकार की राशि 5 करोड़ 66 लाख रुपये है।
जनजातीय अंचलों को सरकार ने दी सौगात, खुलेंगे 66 नए आंगनबाड़ी केंद्र, 134 नए पदों पर भर्ती की मंजूरी

मध्य प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में 66 नए आंगनबाड़ी खोलने की घोषणा की है, बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसके लिए स्वीकृति दी गई, इसके साथ ही शासन ने 134 नए पदों के सृजन की भी स्वीकृति दी इनमें दो पद नियमित और शेष पद मानसेवी होंगे।

मोहन यादव कैबिनेट ने प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में बाल विकास एवं पोषण सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 66 नवीन आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना और भवन निर्माण को स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदित अभियान के अंतर्गत प्राप्त हुई है।

66 नए आंगन बाड़ी केंद्र, 134 नए पदों को कैबिनेट की मंजूरी  

राज्य सरकार ने नए स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए 66 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (मानसेवी), 66 आंगनबाड़ी सहायिका (मानसेवी) तथा 02 पर्यवेक्षक (नियमित वेतनमान) के पद स्वीकृत किए हैं। इसके अलावा 12 लाख रुपये प्रति भवन की लागत निर्धारित की गई है, जिसकी शत-प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी।

MP के 12 जिलों में खुलेंगे नए आंगनबाड़ी केंद्र 

सरकार ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रदेश के बड़वानी जिले में 25, देवास में 9, खरगौन और रतलाम में 7-7, धार में 5, पन्ना और रीवा में 3-3,श्योपुर और सिंगरौली में 2-2 तथा बैतूल, गुना और नर्मदापुरम में एक-एक आंगनबाड़ी केंद्र की स्वीकृति दी है।

रोजगार मिलने से आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं 

उल्लेखनीय है कि इस निर्णय से न केवल जनजातीय क्षेत्रों में बाल देखभाल, पोषण, स्वास्थ्य और पूर्व शिक्षा सेवाओं की पहुंच मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय समुदायों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। योजना के अंतर्गत कुल 132 मानसेवी पदों पर चयन के माध्यम से स्थानीय महिलाओं को सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहन मिलेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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