Hindi News

मध्यप्रदेश में एक ही डॉक्टर कई जिलों में रजिस्टर्ड! उमंग सिंघार ने उठाए सवाल, मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
उन्होंने पूछा कि जब इस तरह की शिकायतें पहले से थीं तो यह फर्जीवाड़ा इतने बड़े स्तर तक कैसे पहुंचा। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब तक इस पूरे खेल में शामिल अस्पतालों, दलालों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी तब तक यह “पेपर वाले डॉक्टर” मरीजों की जिंदगी के साथ खेलते रहेंगे।
मध्यप्रदेश में एक ही डॉक्टर कई जिलों में रजिस्टर्ड! उमंग सिंघार ने उठाए सवाल, मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

Umang Singhar

मध्यप्रदेश में नर्सिंग होम और अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि एक ही डॉक्टर का नाम अलग-अलग जिलों के अस्पतालों में एक साथ दर्ज होना सिर्फ तकनीकी गलती नहीं, बल्कि “संगठित लापरवाही और मिलीभगत” का संकेत है।

उन्होंने कहा कि कई जगहों पर डॉक्टर “कागजों पर” तैनात दिखाए जा रहे हैं। कहीं भोपाल, कहीं सतना तो कहीं शाजापुर में, जबकि वास्तविक रूप से उनकी मौजूदगी संदिग्ध है। कांग्रेस नेता ने कह कि यह मामला सिर्फ नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।

क्या है मामला

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश में निजी नर्सिंग होमों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक ही डॉक्टर का नाम कई जिलों के अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब्स में कागजों पर दर्ज किया जा रहा है, जबकि वे वहां उपस्थित तक नहीं होते। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में करीब 100 डॉक्टरों के नाम से ऐसा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इनमें बीएएमएस चिकित्सक भी शामिल हैं। कुछ डॉक्टरों का नाम भोपाल के अलावा दूसरे जिलों के अस्पतालों और 17 पैथोलॉजी लैब्स तक में दर्ज मिला है। यह भी सामने आया है कि कुछ नर्सिंग होम लाइसेंसिंग प्रक्रिया के दौरान सिर्फ दस्तावेजों में डॉक्टरों का नाम दिखाकर मानकों की पूर्ति कर लेते हैं, जबकि वास्तविक रूप से डॉक्टर वहां उपलब्ध नहीं होते।

उमंग सिंघार ने की सीएम से जांच की मांग 

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने इसे साधारण चूक नहीं बल्कि “संगठित मिलीभगत” करार देते हुए कहा कि यह सीधे मरीजों की जान के साथ जुड़ा हुआ मामला है। कांग्रेस नेता ने कहा कि एक ही डॉक्टर को भोपाल, सतना और शाजापुर जैसे अलग-अलग जिलों के अस्पतालों में एक साथ तैनात दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में उनकी उपस्थिति कहीं भी सुनिश्चित नहीं है।

उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर सिर्फ एक अस्पताल में पूर्णकालिक रूप से पंजीकृत हो सकता है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका खुला उल्लंघन हो रहा है। इस मामले को लेकर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पहले से शिकायतें सामने आ रही थीं, तो यह गड़बड़ी इतने बड़े स्तर तक कैसे फैल गई। उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री से इस मामले मे संज्ञान लेने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
Follow Us :GoogleNews