मध्यप्रदेश में नर्सिंग होम और अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि एक ही डॉक्टर का नाम अलग-अलग जिलों के अस्पतालों में एक साथ दर्ज होना सिर्फ तकनीकी गलती नहीं, बल्कि “संगठित लापरवाही और मिलीभगत” का संकेत है।
उन्होंने कहा कि कई जगहों पर डॉक्टर “कागजों पर” तैनात दिखाए जा रहे हैं। कहीं भोपाल, कहीं सतना तो कहीं शाजापुर में, जबकि वास्तविक रूप से उनकी मौजूदगी संदिग्ध है। कांग्रेस नेता ने कह कि यह मामला सिर्फ नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
क्या है मामला
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश में निजी नर्सिंग होमों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक ही डॉक्टर का नाम कई जिलों के अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब्स में कागजों पर दर्ज किया जा रहा है, जबकि वे वहां उपस्थित तक नहीं होते। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में करीब 100 डॉक्टरों के नाम से ऐसा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इनमें बीएएमएस चिकित्सक भी शामिल हैं। कुछ डॉक्टरों का नाम भोपाल के अलावा दूसरे जिलों के अस्पतालों और 17 पैथोलॉजी लैब्स तक में दर्ज मिला है। यह भी सामने आया है कि कुछ नर्सिंग होम लाइसेंसिंग प्रक्रिया के दौरान सिर्फ दस्तावेजों में डॉक्टरों का नाम दिखाकर मानकों की पूर्ति कर लेते हैं, जबकि वास्तविक रूप से डॉक्टर वहां उपलब्ध नहीं होते।
उमंग सिंघार ने की सीएम से जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने इसे साधारण चूक नहीं बल्कि “संगठित मिलीभगत” करार देते हुए कहा कि यह सीधे मरीजों की जान के साथ जुड़ा हुआ मामला है। कांग्रेस नेता ने कहा कि एक ही डॉक्टर को भोपाल, सतना और शाजापुर जैसे अलग-अलग जिलों के अस्पतालों में एक साथ तैनात दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में उनकी उपस्थिति कहीं भी सुनिश्चित नहीं है।
उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर सिर्फ एक अस्पताल में पूर्णकालिक रूप से पंजीकृत हो सकता है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका खुला उल्लंघन हो रहा है। इस मामले को लेकर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पहले से शिकायतें सामने आ रही थीं, तो यह गड़बड़ी इतने बड़े स्तर तक कैसे फैल गई। उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री से इस मामले मे संज्ञान लेने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।






