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MP में मंत्री राकेश सिंह पर IAS अधिकारी को धमकाने का आरोप, उमंग सिंघार ने किया सवाल “ईमानदार अफसर सुरक्षित नहीं तो सिस्टम कैसे चलेगा”

Written by:Shruty Kushwaha
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नेता प्रतिपक्ष ने इसे सत्ता के दुरुपयोग का मामला बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं प्रशासनिक निष्पक्षता और अधिकारियों के मनोबल के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में लगातार सामने आ रहे ऐसे विवाद यह दर्शाते हैं कि प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से सत्ता के दबाव में है।
MP में मंत्री राकेश सिंह पर IAS अधिकारी को धमकाने का आरोप, उमंग सिंघार ने किया सवाल “ईमानदार अफसर सुरक्षित नहीं तो सिस्टम कैसे चलेगा”

Umang Singhar

मध्यप्रदेश में सत्ता और प्रशासन के बीच बढ़ता टकराव एक बार फिर सुर्खियों में है। लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह पर जबलपुर स्मार्ट सिटी के सीईओ और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अरविंद शाह को अपने बंगले पर बुलाकर अपमानित करने, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में ईमानदारी से काम करने वाले अफसर ही सुरक्षित नहीं हैं, तो सिस्टम कैसे चलेगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि  यह मामला सिर्फ एक अधिकारी का नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की गरिमा और उसके स्वतंत्र कामकाज पर गहरा सवाल खड़ा करता है।

क्या है मामला

जबलपुर स्मार्ट सिटी में एक महिला कर्मचारी की अनुपस्थिति और काम के तरीके को लेकर सीईओ अरविंद शाह ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की। उनके द्वारा महिला कर्मचारी का वेतन रोकने के बाद मामला मंत्री राकेश सिंह तक पहुंच गया। आरोप है कि मंत्री ने सीईओ को अपने बंगले पर बुलाया जहां उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और करियर खराब करने व सिंगरौली तक परेड कराने जैसी धमकियां भी दी गईं। आईएएस अधिकारी अरविंद शाह ने इस घटना की लिखित शिकायत आईएएस एसोसिएशन के माध्यम से मुख्य सचिव तक पहुंचाई। जानकारी के अनुसार, एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मुलाकात कर इसपर आपत्ति जताई। हालांकि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बावजूद मामला पूरी तरह शांत होता नजर नहीं आ रहा है।

उमंग सिंघार ने किए सवाल

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले को सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताते हुए सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अगर ईमानदारी से काम करने वाले अफसर ही सुरक्षित नहीं हैं, तो सिस्टम के सुचारू संचालन की कल्पना कैसे की जा सकती है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक अधिकारी का नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे की गरिमा से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह द्वारा एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को बंगले पर बुलाकर अपमानित करना, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना और धमकाना, लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है।उन्होंने कहा कि जो अधिकारी नियमों का पालन करवा रहा था, उसी को कठघरे में खड़ा कर दिया गया, जिससे यह साफ होता है कि प्रदेश में प्रशासनिक तंत्र पर राजनीतिक दबाव हावी है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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