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MP में भी लागू होगा UCC, सरकार ने गठित की उच्च स्तरीय समिति, जस्टिस रंजना देसाई अध्यक्ष, 60 दिन में सौंपेगी रिपोर्ट

Written by:Pooja Khodani
Last Updated:
मध्यप्रदेश में ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) को लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जज रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव आईएएस अजय कटेसरिया समिति के सचिव रहेंगे।
MP में भी लागू होगा UCC, सरकार ने गठित की उच्च स्तरीय समिति, जस्टिस रंजना देसाई अध्यक्ष,  60 दिन में सौंपेगी रिपोर्ट

CM Mohan Yadav

मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। मोहन सरकार ने राज्य में इसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सोमवार (27 अप्रैल 2026) को पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की है। यह अन्य राज्यों में बनाए गए अधिनियम के प्रावधानों का अध्ययन कर राज्य सरकार को अनुशंसा करेगी। विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। ​इस समिति को मध्य प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए 60 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट और विधेयक का मसौदा  सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है। समिति उत्तराखंड और गुजरात में लागू या प्रस्तावित UCC मॉडलों का भी गहन अध्ययन करेगी।

इस पूरी प्रक्रिया में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। समिति सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ-साथ विधि विशेषज्ञों से सुझाव मांगेगी। प्रशासनिक और क्रियान्वयन से जुड़े हर पहलू पर गौर किया जाएगा।  ​सरकार का लक्ष्य है कि 2026 के आगामी मानसून सत्र में इस विधेयक को विधानसभा में पेश कर दिया जाए। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो राज्य सरकार इसे दीवाली (नवंबर 2026) तक प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी में है।

​इन प्रमुख मुद्दों पर रहेगा फोकस

​समिति मुख्य रूप से नागरिकों के व्यक्तिगत और पारिवारिक कानूनों की समीक्षा करेगी, जिनमें शामिल हैं:

  • ​विवाह और तलाक
  • ​उत्तराधिकार और संपत्ति
  • ​भरण-पोषण
  • ​लिव-इन रिलेशनशिप:
  • ​दत्तक ग्रहण (Adoption)

समिति के अन्य प्रमुख सदस्य:

  1. ​शत्रुघ्न सिंह (रिटायर्ड IAS अधिकारी)
  2. ​अनूप नायर (कानूनी विशेषज्ञ)
  3. ​गोपाल शर्मा (शिक्षाविद्)
  4. ​बुद्धपाल सिंह (समाजसेवी)
  5. अजय कटेसरिया (अपर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग)

समिति को निम्नलिखित कार्य सौंपे 

  • राज्य में प्रचलित विभिन्न व्यक्तिक/पारिवारिक विधियों जिनमें विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक एवं लिव इन संबंधी व्यवस्थाएं सम्मिलित है, का समग्र अध्ययन करना।
  • अन्य राज्यों विशेषकर उत्तराखण्ड एवं गुजरात में अपनाए गए मॉडल/प्रक्रिया का अध्ययन कर उपयुक्त बिन्दुओं का परीक्षण करना।
  • राज्य के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए समान नागरिक संहिता के लिए एक संतुलित एवं व्यवहारिक एवं विधिक संरचना प्रस्तुत करना।
  • विभिन्न हितधारकों (जन सामान्य, सामाजिक/धार्मिक संगठन, विधि विशेषज्ञ, अकादमिक विशेषज्ञ आदि) से सुझाव/आपत्तियां आमंत्रित कर उनका परीक्षण करना।
  • आवश्यकतानुसार जन सुनवाई/परामर्श बैठकें आयोजित कर व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करना।
  • प्रस्तावित व्यवस्था में महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों के संरक्षण, समानता एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक प्रावधानों पर विचार प्रस्तुत करना।
  • लिव इन संबंधों के विनियमन, पंजीकरण एवं उनसे उत्पन्न अधिकारों/दायित्वों के संबंध में उपयुक्त सुझाव प्रस्तुत करना।
  • प्रस्तावित विधेयक के विधिक, प्रशासनिक एवं क्रियान्वयन संबंधी पहलुओं का परीक्षण करना, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की विधिक जटिलता उत्पन्न न हो।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
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