भोपाल। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने मंगलवार को अपनी कैबिनेट बैठक में प्रदेश के कई अहम क्षेत्रों के लिए बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी। इन घोषणाओं का सीधा असर शिक्षकों, किसानों, शहरी बुनियादी ढांचे और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ेगा। सरकार ने जहां राज्य के सवा लाख शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देने का ऐलान किया, वहीं उज्जैन शहर के लिए 1133 करोड़ रुपये से अधिक की जल आवर्धन योजना को भी हरी झंडी दी।
इसके अलावा, ग्वालियर और उज्जैन के प्रसिद्ध व्यापार मेलों में वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए मोटरयान कर में 50 प्रतिशत की बड़ी छूट को भी मंजूरी दी गई है। ये फैसले राज्य में शिक्षा, शहरी विकास और अर्थव्यवस्था को एक साथ साधने की कोशिश के तौर पर देखे जा रहे हैं।
शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात
कैबिनेट के सबसे अहम फैसलों में से एक राज्य के लगभग सवा लाख शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना का लाभ देना है। इस योजना के लिए सरकार ने 322 करोड़ 34 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस फैसले से सहायक शिक्षक, शिक्षक और नवीन संवर्ग के शिक्षक लाभान्वित होंगे, जिनकी यह मांग काफी लंबे समय से लंबित थी।
शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने सांदीपनि विद्यालय योजना के दूसरे चरण को मंजूरी दी। इसके तहत प्रदेश में 200 सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जाएगी, जिस पर करीब 3,660 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक विद्यालय के निर्माण पर औसतन 17 से 18 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
शहरी और ग्रामीण विकास पर फोकस
शहरी विकास के मोर्चे पर उज्जैन को एक बड़ी सौगात मिली है। कैबिनेट ने उज्जैन शहर के लिए 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की जल आवर्धन योजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना से शहर की बढ़ती आबादी और धार्मिक आयोजनों के दौरान पानी की मांग को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी।
इसके साथ ही, “मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना” के पांचवें चरण के लिए अगले तीन वर्षों हेतु 5,000 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस फंड का उपयोग शहरों में सड़क, ड्रेनेज और अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास के लिए किया जाएगा। वहीं, राजगढ़ और रायसेन जिलों की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई, जिससे 20 हजार से ज्यादा किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
व्यापार और तकनीक को नई रफ्तार
अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कैबिनेट ने ग्वालियर व्यापार मेला और उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला-2026 में ऑटोमोबाइल की बिक्री पर मोटरयान कर में 50% की छूट देने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से वाहनों की बिक्री बढ़ेगी और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने मध्य प्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 को भी मंजूरी दी, जिसका लक्ष्य सैटेलाइट निर्माण और भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी में निवेश आकर्षित करना है।
मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026 को मंजूरी
मोहन कैबिनेट ने प्रदेश में उपलब्ध 322 औद्योगिक पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और 31 गीगावाट की बिजली आपूर्ति, उत्कृष्ट शैक्षणिक सस्थानों आदि संसाधनों एवं अनुकुल वातावरण के दृष्टिगत अंतरिक्ष-ग्रेड विनिर्माण की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य मे मध्य प्रदेश स्पेसटेक नीति-2026″ लागू की जाने की स्वीकृति दी। यह नीति उपग्रह निर्माण, भू स्थानिक विश्लेषण और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों में नवाचार को बढ़ावा देगी। इससे प्रदेश में आने वाले 5 वर्ष में 1 हजार करोड़ का निवेश और लगभग 8 हजार का रोजगार सृजन होगा। इस पर अनुमानित वित्तीय भार 628 करोड़ रुपये आयेगा।





