मध्यप्रदेश में किसानों के नाम पर पॉलीहाउस निर्माण के लिए लिए गए करोड़ों रुपये के लोन घोटाला मामले में कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले को लेकर सवाल किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया है कि किसानों के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर पॉलीहाउस निर्माण के लिए लोन लिया गया और फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाणपत्रों के आधार पर निजी फर्मों को भुगतान कराया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से पूछा कि जब खेतों में पॉलीहाउस बने ही नहीं, तो सरकारी रिकॉर्ड में इन्हें पूरा किस आधार पर दिखाया गया।
क्या है मामला
खरगोन में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत पॉलीहाउस निर्माण के लिए किसानों के नाम पर लिए गए लोन में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। योजना अंतर्गत 33 किसानों के नाम पर 7.80 करोड़ रुपये से ज्यादा के लोन स्वीकृत किए गए थे। आरोप है कि कई जगह पॉलीहाउस बने ही नहीं, लेकिन फर्जी पूर्णता प्रमाणपत्रों के आधार पर निजी फर्मों को भुगतान कर दिया गया।
जांच में कुछ प्रमाण-पत्र लोन स्वीकृत या राशि जारी होने से पहले की तारीख के पाए गए। मामले की जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी ईओडब्ल्यू कर रहा है। जांच के बाद बैंक अधिकारियों और निजी फर्मों से जुड़े 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एक अलग 1.90 करोड़ रुपये के ऋण में कथित अनियमितता को मिलाकर मामले में करीब 9.70 करोड़ रुपये की संभावित बैंक क्षति बताई गई है।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों के नाम पर हुए इस फर्जीवाड़े में सरकारी सिस्टम की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जब खेतों में पॉलीहाउस मौजूद नहीं थे तब उनके निर्माण को कागजों पर पूरा कैसे दिखाया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से पूछा कि किसानों के नाम पर करोड़ों रुपये के इस खेल में किसकी मिलीभगत थी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी।
किसानों के नाम पर फर्जीवाड़ा और सरकारी सिस्टम बेखबर!
राष्ट्रीय बागवानी मिशन में पॉलीहाउस बनाने के लिए 33 किसानों के नाम पर ₹7.80 करोड़ से ज्यादा के लोन का गबन, लेकिन कई जगह पॉलीहाउस बने ही नहीं। फर्जी पूर्णता प्रमाण-पत्रों के जरिए निजी फर्मों को किया गया भुगतान। EOW ने बैंक…
— Umang Singhar (@UmangSinghar) September 25, 2026






