मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेशवासियों के नाम एक खुला पत्र जारी किया है। इस पत्र में उन्होंने बीजेपी पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने और जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने का निर्णय प्रदेश स्तर का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय नेतृत्व की सहमति से लिया गया कदम है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत राजनीतिक रणनीति बताया। यह पत्र ऐसे समय सामने आया है जब राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं, कांग्रेस विधायकों में टूटफूट की अटकलों और दोनों दलों के बीच संख्या बल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है।
जीतू पटवारी ने प्रदेशवासियों के नाम लिखा पत्र
राज्यसभा चुनाव को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच जीतू पटवारी ने प्रदेशवासियों को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र को बाजार बनाने, जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त और सामाजिक न्याय के नाम पर छल का आरोप लगाया है। इस पत्र में उन्होंने कहा कि वे किसी राजनीतिक दल के अध्यक्ष के रूप में नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में प्रदेशवासियों से संवाद कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां देशवासियों से समय-समय पर त्याग और आत्मसंयम की अपील करते हैं, वहीं भाजपा लोकतंत्र की सबसे बड़ी पूंजी जनता के जनादेश को खरीद-फरोख्त के बाजार में बदलने का प्रयास कर रही है।
बीजेपी पर लगाए आरोप
अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि राज्यसभा चुनाव में भाजपा द्वारा तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारना सामान्य राजनीतिक निर्णय नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय नेतृत्व की सहमति से तैयार की गई रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ‘मतलब यह कि निर्णय सिर्प प्रदेश का नहीं, बल्कि लोकतंत्र विरोधी डबल इंजन द्वारा सोच-समझकर तैयार किया गया “सियासी रंगमंच” है।’ कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि भाजपा के पास अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त विधायक नहीं हैं तो संख्या पूरी करने के लिए राजनीतिक जोड़-तोड़ और दबाव की राजनीति की आशंका स्वाभाविक रूप से पैदा होती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा के उम्मीदवार चयन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले दो उम्मीदवार सामान्य वर्ग से थे, जिनमें से एक पंजाब से लाया गया जबकि बाद में अति पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार को तीसरे स्थान पर उतारा गया। उनके अनुसार यह कदम सामाजिक न्याय के दावों और वास्तविक राजनीतिक प्राथमिकताओं के बीच विरोधाभास को दर्शाता है।
प्रदेश की जनता से किया आह्वान
जीतू पटवारी ने कांग्रेस की ओर से मैदान में उतारी गई महिला उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को संघर्षशील, गांधीवादी और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित बताते हुए कहा कि उनके पीछे न धनबल है और न ही सत्ता का प्रभाव, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्य, संविधान में विश्वास और जनता की उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस इस चुनाव में भी पूरी दृढ़ता के साथ अपने विचार और संस्कार के साथ खड़ी है।” इसी के साथ उन्होंने विश्वास जताया है कि मध्यप्रदेश की जागरूक जनता सत्य को पहचानेगी, लोकतंत्र की रक्षा करेगी और राजनीति को बाजार बनने से रोकेगी। उन्होंने कहा कि यदि हम आज लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खड़े रहेंगे, तो आने वाली पीढ़ियाँ हम पर गर्व करेंगी।
राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी है सियासी घमासान
मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर इस बार राजनीतिक मुकाबला दिलचस्प हो गया है। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर भाजपा दो सीटें आसानी से जीत सकती है, जबकि कांग्रेस के खाते में एक सीट आना तय माना जा रहा था। लेकिन भाजपा द्वारा तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने के बाद चुनावी समीकरणों और संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस विधायकों की टूटफूट और क्रॉस वोटिंग की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। इन्हीं अटकलों के बीच कांग्रेस लगातार यह दावा कर रही है कि उसके सभी विधायक एकजुट हैं और पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में मतदान करेंगे।







