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MP कैंसर मामलों में देश में 7वें स्थान पर: उमंग सिंघार बोले “गंभीर आपात स्थिति”, सरकार पर आरोप “निजी अस्पताल और महंगे इलाज के कारण जनता परेशान”

Written by:Shruty Kushwaha
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उन्होंने कहा कि सरकार हजारों करोड़ का स्वास्थ्य बजट बताती है लेकिन न पर्याप्त अस्पताल, न डॉक्टर, न सस्ती दवाइयां उपलब्ध है। कांग्रेस नेता ने कहा कि PM-JAY और जनऔषधि जैसी 5 लाख तक की योजनाएं भी इस महंगे इलाज के सामने अपर्याप्त साबित हो रही हैं।
MP कैंसर मामलों में देश में 7वें स्थान पर: उमंग सिंघार बोले “गंभीर आपात स्थिति”, सरकार पर आरोप “निजी अस्पताल और महंगे इलाज के कारण जनता परेशान”

Umang Singhar

मध्यप्रदेश कैंसर रोग के मामले में देश में 7वें स्थान पर है। कैंसर के बढ़ते मामलों और स्वास्थ्य ढांचे को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर हमला किया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि अब कैंसर सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि गंभीर आपात स्थिति बन चुका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय निजी क्षेत्र पर निर्भरता बढ़ी है। कांग्रेस नेता ने कहा कि अस्पताल, डॉक्टर और सस्ती दवाओं की कमी के कारण लोगों के लिए इलाज कराना बेहद मुश्किल हो जाता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मध्यप्रदेश के लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है।

कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

मध्यप्रदेश में कैंसर के बढ़ते मामलों और स्वास्थ्य ढांचे को लेकर राजनीति तेज हो गई है। उमंग सिंघार ने राज्य सरकार को घेरते हुए इसे “स्वास्थ्य की आपात स्थिति” करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर दिन औसतन 242 नए कैंसर मरीज सामने आ रहे हैं और लगभग 133 लोगों की मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि कैंसर अब सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि एक गंभीर जनस्वास्थ्य संकट बन चुका है।

उमंग सिंघार ने लगाए आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संसद में दी गई जानकारी के अनुसार कैंसर के मामलों मध्यप्रदेश देश में सातवें स्थान पर है..प्रदेश में सिर्फ दो बड़े सरकारी कैंसर संस्थान हैं। इस कारण मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने केंद्र के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और शोध संस्थान भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2021 से 2025 के बीच हजारों मौतें दर्ज की गई हैं और मामलों में हर साल लगभग 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो रही है। साथ ही, mortality-to-incidence ratio करीब 55 प्रतिशत बताया गया है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

सरकार से किए सवाल

उमंग सिंघार ने केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना और प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि महंगे कैंसर इलाज के सामने ये योजनाएं भी सीमित राहत ही दे पा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय निजी क्षेत्र पर निर्भरता बढ़ी है और आम लोगों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी सरकार को इस बात का जवाब देना होगा कि क्या मध्यप्रदेश में लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है।

 

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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