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MP में आरडीएसएस के बिजली कार्यों पर उमंग सिंघार ने उठाए सवाल, 1710 करोड़ खर्च के बाद भी खामियों के आरोप

उन्होंने इसे सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला बताया है। कांग्रेस नेता ने सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
Leader of the Opposition Umang Singhar

Umang Singhar

मध्यप्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चल रही रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 3310 करोड़ के प्रावधान में से 1710 करोड़ खर्च होने के बावजूद कई जगह बिजली अधोसंरचना का काम मानकों के अनुरूप नहीं हुआ है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘यह सिर्फ लापरवाही नहीं, भ्रष्टाचार की गंभीर आशंका है। भाजपा सरकार बताए, जनता के पैसे की इस बंदरबांट की जिम्मेदारी किसकी है।’ उन्होमने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

उमंग सिंघार ने की जांच की मांग 

उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश के 16 जिलों में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरडीएसएस के तहत काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में पांच जिलों में टेढ़े बिजली पोल, अधूरी अर्थिंग, मैपिंग से जुड़ी कमियां और सुरक्षा उपकरणों का अभाव सामने आया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब योजना का उद्देश्य बिजली वितरण नेटवर्क को आधुनिक और सुरक्षित बनाना है तो इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी जमीन पर अधूरे अथवा तकनीकी रूप से कमजोर काम क्यों दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस नेता ने बीजेपी सरकार से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने इसे सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं बताते हुए भ्रष्टाचार की आशंका जताई है।

आरडीएसएस योजना का उद्देश्य

केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में आरडीएसएस शुरू की थी। इस योजना का उद्देश्य बिजली वितरण कंपनियों की परिचालन क्षमता और वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ उपभोक्ताओं को बेहतर, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है। इसके तहत पुराने कंडक्टर बदलने, सब-स्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाने, नए ट्रांसफॉर्मर और सब-स्टेशन लगाने, फीडर सेग्रीगेशन तथा आधुनिक निगरानी व्यवस्था जैसे कार्य शामिल हैं। केंद्र सरकार के अनुसार आरडीएसएस के तहत देशभर में वितरण अवसंरचना और स्मार्ट मीटरिंग से जुड़े बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं। योजना का एक प्रमुख लक्ष्य बिजली वितरण में एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल लॉसेज को घटाना भी है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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