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MP शिक्षक भर्ती में देरी से आक्रोशित अभ्यर्थियों का भोपाल में प्रदर्शन, कहा “जॉइनिंग तक जारी रहेगा आंदोलन”, सीएम को ज्ञापन देंगे

Reported by:Jitendra Yadav|Edited by:Shruty Kushwaha
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उन्होंने सरकार से जल्द नियुक्ति देने की मांग करते हुए कहा कि लगातार हो रही देरी से उनकी चिंता बढ़ रही है। अभ्यर्थियों ने साफ किया कि वे अपने अधिकार के तहत जॉइनिंग चाहते हैं और जब तक नियुक्ति नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रखेंगे।
MP शिक्षक भर्ती में देरी से आक्रोशित अभ्यर्थियों का भोपाल में प्रदर्शन, कहा “जॉइनिंग तक जारी रहेगा आंदोलन”, सीएम को ज्ञापन देंगे

Candidates Protest

मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के तहत माध्यमिक (वर्ग-2) और प्राथमिक (वर्ग-3) शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर चयनित अभ्यर्थियों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। बुधवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी राजधानी भोपाल पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।

इन अभ्यर्थियों ने कहा है कि जब तक उनकी जॉइनिंग नहीं होगी तब तक वो अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखेंगे। इनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया अरसे से लंबित है, जिससे उनके भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की बात भी कही है।

चयनित अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन 

आज भोपाल पहुंचे चयनित अभ्यर्थियों ने जल्द से जल्द जॉइनिंग की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इनका कहना है कि वे कोई विशेष छूट नहीं मांग रहे, बल्कि परीक्षा नियम पुस्तिका के अनुसार अपने हक की मांग कर रहे हैं। अपनी मांग को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की बात भी कही है। इस ज्ञापन में लिखा है कि माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) भर्ती का विज्ञापन वर्ष 2022 में जारी किया गया था। इसके बाद 2023 में पात्रता परीक्षा आयोजित हुई, जबकि अप्रैल 2025 में चयन परीक्षा संपन्न कराई गई। सितंबर 2025 में परिणाम घोषित कर चयन सूची जारी कर दी गई, लेकिन इसके बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

जल्द से जल्द जॉइनिंग देने की मांग की 

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि नियमों के अनुसार चयन सूची जारी होने के तीन माह के भीतर नियुक्ति आदेश जारी किया जाना अनिवार्य है, लेकिन यहां आठ माह से अधिक समय बीत चुका है। इसके बावजूद अब तक नियुक्ति आदेश जारी हुए हैं। अपने ज्ञापन में अभ्यर्थियों ने पूरी समयरेखा का उल्लेख करते हुए बताया कि नवंबर 2025 में जनप्रतिनिधियों से संपर्क के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। जनवरी 2026 में “कोर्ट केस” का हवाला दिया गया, जबकि फरवरी 2026 में विभागीय स्तर पर अतिरिक्त समय लगने की बात कही गई। इसके बाद भी प्रक्रिया ठप बनी हुई है। अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि अब तक पात्र और अपात्र सूची जारी नहीं की गई है और न ही चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हुई है। इससे करीब 10,700 चयनित उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा है कि वे किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि नियमानुसार अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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