मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन प्रक्रिया शुरू होने की तारीख नजदीक आ रही है, गेहूं उत्पादक किसानों को ध्यान रखना होगा कि सरकार दो अलग अलग तारीखों में गेहूं खरीदी कर रही है , ये 10 और 15 अप्रैल से शुरू होगी, इस समय राजस्व विभाग द्वारा किसानों के पंजीकृत रकबे के सत्यापन का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। सत्यापन पूर्ण होने के बाद किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, जिसके बाद किसान अपनी उपज बिना किसी असुविधा के उपार्जन केन्द्रों पर बेच सकेंगे।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जिसपर मध्य प्रदेश सरकार 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दे रही है यानि प्रदेश सरकार किसानों से 2625 रुपये MSP पर गेहूं खरीदेगी।

मंत्री राजपूत के मुताबिक इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। उन्होंने बताया इस समय राजस्व विभाग किसानों के पंजीकृत रकबे का सत्यापन कार्य तेज गति से किया जा रहा है। सत्यापन पूर्ण होने के बाद किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे किसान अपनी उपज बिना किसी असुविधा के उपार्जन केन्द्रों पर बेच सकें।

इस साल 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 

मंत्री राजपूत ने बताया कि पिछले वर्ष राज्य सरकार ने लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया था। लेकिन इस वर्ष वैश्विक हालात के बावजूद सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का कहना है कि हालात कैसे भी हो किसानों का हित सर्वोपरि है उन्हें उनकी उपज का लाभ मिलना ही चाहिए।

10 अप्रैल से 4 संभागों में शुरू होगी गेहूं खरीदी प्रक्रिया 

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तय किया है कि गेहूं खरीदी दो चरणों में की जाएगी , पहला चरण 10 अप्रैल से शुरू होगा जिसमें इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूं खरीदी की जाएगी वहीं दूसरा चरण 15 अप्रैल से शुरू होगा जिसमें शेष संभागों में गेहूं उपार्जन किया जायेगा।