परीक्षा रद्द होने से आक्रोशित विद्यार्थियों का भविष्य बचाने सड़क पर उतरी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भोपाल में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए वनरक्षक, जेल प्रहरी, सहायक जेल अधीक्षक और क्षेत्र प्रहरी भर्ती परीक्षा की दूसरी पाली को सर्वर में आई तकनीकी खराबी के कारण निरस्त किए जाने का कड़ा विरोध दर्ज कराया। परिषद ने इस घटना को हजारों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ एक गंभीर अन्याय करार देते हुए, इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार दोषियों के विरुद्ध त्वरित और कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की।
अभाविप ने अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि प्रदेश स्तरीय इतनी महत्वपूर्ण परीक्षा का इस प्रकार अचानक निरस्त होना हजारों परीक्षार्थियों के लिए भारी मानसिक पीड़ा का कारण बना है, जिससे उनके बहुमूल्य समय और गाढ़ी कमाई का आर्थिक नुकसान हुआ है; यही नहीं, बल्कि इस घटना ने विद्यार्थियों के मन में संपूर्ण परीक्षा प्रणाली के प्रति गहरा संशय, असंतोष और निराशा का भाव उत्पन्न कर दिया है, जिस पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अपना गहरा रोष व्यक्त किया। संगठन ने इस पूरी घटना को दुखद और गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए इसके मूल कारणों की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर त्वरित वैधानिक एवं कठोर कार्रवाई की मांग की।

परीक्षा में लापरवाही छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़: ABVP
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का यह स्पष्ट मत था कि किसी भी विद्यार्थी के जीवन में परीक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव होती है, जिसके लिए अभ्यर्थी वर्षों तक अथक परिश्रम और लगन से तैयारी करते हैं। ऐसी स्थिति में, परीक्षा जैसे संवेदनशील विषय में किसी भी स्तर पर बरती गई जरा सी भी लापरवाही सीधे-सीधे विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठन की मांग
अपने जोरदार प्रदर्शन के दौरान, परिषद ने यह प्रमुख मांग रखी कि परीक्षा निरस्त होने के मूल कारणों की गहन पड़ताल करने और सर्वर में आई इस गंभीर तकनीकी खामी की जांच के लिए तत्काल एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए। इसके साथ ही, इस तकनीकी विफलता और संपूर्ण अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, संबद्ध तकनीकी एजेंसियों और अन्य सभी दोषियों को शीघ्रता से चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

20 जून की परीक्षा में विशेष सतर्कता बरतने की मांग
अभाविप ने अपनी मांगों में यह भी जोड़ा कि आगामी 20 जून को पुनः आयोजित होने वाली परीक्षा के दौरान मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल और राज्य सरकार को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। परिषद ने भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, सर्वर फेलियर अथवा तकनीकी विसंगति को पूरी तरह से रोकने के लिए व्यापक, पारदर्शी और पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि विद्यार्थियों का परीक्षा प्रणाली पर से उठा विश्वास बहाल हो सके और वे बिना किसी भय के अपनी परीक्षा दे सकें।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मध्यभारत प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, “अंतिम क्षणों में परीक्षा का इस प्रकार रद्द होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह सीधे-सीधे हजारों विद्यार्थियों के साथ अन्याय है। अभाविप सदैव से ही छात्र हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध और संकल्पित रही है। इस असमंजस और कठिन परिस्थिति में, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हर एक विद्यार्थी के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी आवाज को बुलंद करेगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इस पूरे मामले में जिम्मेदार दोषियों के विरुद्ध शीघ्र और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो अभाविप एक वृहद और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जवाबदेही प्रशासन की होगी।”







