सीएम डॉ. मोहन यादव ने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर भोपाल स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ सामूहिक सूर्य नमस्कार किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने विश्व पटल पर सनातन संस्कृति का परचम लहराया और वसुधैव कुटुंबकम् के विचार को वैश्विक पहचान दिलाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्य नमस्कार सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए, बल्कि मानसिक संतुलन और ऊर्जा के संचार के लिए भी अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित योग, ध्यान और सूर्य नमस्कार को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक मन ही राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव होते हैं।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर मुख्यमंत्री ने किया सामूहिक सूर्य नमस्कार
स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय युवा दिवस पर मध्यप्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया। राज्यभर के विद्यालय परिसरों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने शिक्षकों और अतिथियों की उपस्थिति में सूर्य नमस्कार किया। कई स्थानों पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, शिक्षण संस्थानों की समितियां और अभिभावक भी इस आयोजन में सहभागी बने। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय भोपाल में विद्यार्थियों के साथ सामूहिक सूर्य नमस्कार किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और ऊर्जावान रहने के लिए सूर्य नमस्कार का बेहद महत्व हैं और हमें अपने मन और शरीर को स्वस्थ रखने के सारे प्रयास करने चाहिए।
स्वामी विवेकानंद के विचारों के महत्व को रेखांकित किया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वामी विवेकानंद जयंती को नई ऊर्जा और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया जा रहा है। सीएम ने कहा कि सनातन संस्कृति के मूल्यों के साथ देश निरंतर आगे बढ़ रहा है और भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। मुख्यमंत्री ने सूर्य के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सूर्य से ही समूची सृष्टि में ऊर्जा का संचार होता है। योग और सूर्य नमस्कार हमारे जीवन को उत्कृष्टता की ओर ले जाने का मार्ग हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने, प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने और समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।





