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NCRB 2023 रिपोर्ट: मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराध में दूसरे स्थान पर, उमंग सिंघार ने आदिवासी अत्याचार पर सरकार को घेरा

Written by:Shruty Kushwaha
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एमपी में में कुल अपराध दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। रिपोर्ट में अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अपराधों में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार मध्यप्रदेश हिंसक अपराध दर वाले राज्यों में शामिल है जहां राष्ट्रीय औसत से अधिक मामले दर्ज हुए हैं। साइबर क्राइम के मामलों में भी बढ़ोत्तरी हुई है और बच्चों के खिलाफ अपराध बढ़े हैं।
NCRB 2023 रिपोर्ट: मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराध में दूसरे स्थान पर, उमंग सिंघार ने आदिवासी अत्याचार पर सरकार को घेरा

Umang Singhar

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने ‘क्राइम इन इंडिया 2023’ रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट में देशभर में अपराधों में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है। यदि वर्ष 2020 को छोड़ दिया जाए तो यह वर्ष 1981 के बाद सबसे अधिक अपराधों वाला वर्ष रहा। रिपोर्ट के अनुसार 2023 में कुल 62.4 लाख संज्ञानात्मक अपराध दर्ज किए गए जो 2022 की तुलना में 7.2% अधिक हैं। इस तरह औसतन हर पांच सेकंड में एक अपराध दर्ज हो रहा है।

अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराधों में मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर हैं। कांग्रेस ने इस रिपोर्ट को लेकर अब बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। आदिवासियों पर अत्याचार को लेकर विपक्ष ने कहा कि मोदी सरकार में आदिवासियों के खिलाफ अपराध के मामलों में 29% की वृद्धि हुई है। उमंग सिंघार ने एमपी के संदर्भ में चिंता जताते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश आदिवासियों के साथ अन्याय का सबसे बड़ा गवाह है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर हाल में आदिवासियों के साथ खड़ी है।

NCRB की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

भारत सरकार के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की दो साल के विलंब के बाद आई रिपोर्ट के अनुसार कुल अपराधों में 7.2% की वृद्धि दर्ज की गई है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध फिर से शीर्ष पर हैं जबकि साइबर क्राइम और आर्थिक अपराधों में भी तेजी से इजाफा हुआ है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में दिल्ली सबसे ऊपर है, जहां प्रति लाख महिलाओं पर 144.4 मामले दर्ज हुए। इसके बाद राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश का स्थान है।

बच्चों के खिलाफ अपराध बढ़े

बच्चों के खिलाफ अपराधों में 9.2% की उछाल के साथ कुल मामले बढ़कर लाखों में पहुंच गए। इनमें यौन शोषण, अपहरण और ट्रैफिकिंग प्रमुख हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चों के खिलाफ अपराधों की दर 2022 के मुकाबले काफी ऊंची है, जो शिक्षा और सुरक्षा तंत्र की कमजोरियों को उजागर करता है।

साइबर क्राइम के मामलों में बढ़ोत्तरी

साइबर क्राइम में कर्नाटक सबसे आगे है। उसके बाद तेलंगाना और उत्तर प्रदेश का नंबर है। आईटी हब होने के कारण कर्नाटक में डिजिटल घुसपैठ ज्यादा होने से मामले बढ़े है। आर्थिक अपराधों में 6% वृद्धि दर्ज की गई है। इनमें जालसाजी, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार प्रमुख हैं। भ्रष्टाचार के मामले 10.5% बढ़े हैं।

अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अपराधों में मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर

NCRB रिपोर्ट में मध्य प्रदेश ने अनुसूचित जनजातियों (ST) के खिलाफ अपराधों के मामले में देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। राज्य में 2023 में कुल 2,858 मामले दर्ज किए गए जबकि 2022 में यह संख्या 2,979 और 2021 में 2,627 थी। पहले नंबर पर मणिपुर है जहां इस श्रेणी में सबसे अधिक 3,399 मामले दर्ज किए गए हैं।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, कहा हम आदिवासियों के साथ खड़े हैं

इस रिपोर्ट के बाद अब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक बार फिर आदिवासी उत्पीड़न का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि ‘देशभर की तरह मध्यप्रदेश में भी आदिवासी समाज अन्याय का सामना कर रहा है। यहां उनकी ज़मीनें छीनी जाती हैं, जंगल और संसाधनों पर उनका हक़ छीन लिया जाता है। जब वे अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाते हैं, तो सरकार दमन और डर का सहारा लेती है। यह सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पीड़ा और संघर्ष की सच्चाई है।’ कांग्रेस नेता ने कहा कि हम इस लड़ाई में आदिवासी भाइयों-बहनों के साथ खड़े हैं।