मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है, ऐसे में अब मानसून वापसी की राह पर है। मौसम विभाग की मानें तो परिस्थितियों अनुकूल हैं, बुधवार-गुरुवार से उज्जैन और ग्वालियर संभाग से दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रदेश से विदाई शुरू हो सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य संभागों से विदा होगा।
मौसम प्रणालियों के कमजोर होने से अगले तीन-चार दिन तक भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है हालांकि बादल छाने के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। आज से भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में तेज धूप देखने को मिलेगी। 2 अक्टूबर से पूरी तरह से मौसम के साफ होने का अनुमान है।
वर्तमान में सक्रिय है ये मौसम प्रणालियां
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा लगातार गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा, नलिया से होकर गुजर रही है। पश्चिमी विक्षोभ, अब मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल की पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में माध्य समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई पर उत्तर में स्थित है । ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 1.5 से 3.1 किमी की ऊंचाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र के ऊपर स्थित है।
1 जून से 28 सितंबर 2026 तक कहां-कितनी हुई बारिश
1 जून से 28 सितंबर 2026 तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 4% यानि 1.5 इंच बारिश कम हुई है। प्रदेश में अबतक 35.7 इंच बारिश ( 95.8% या 908 MM) रिकॉर्ड हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 37. 1 इंच होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां 5% ज्यादा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 11% कम पानी गिरा है।
- अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है।
- बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 से 20% तक कम बारिश
- आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई।







