ग्वालियर शहर में एक जीवित युवक का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आया है। युवक अब खुद को जिंदा साबित करने कभी कलेक्टर तो कभी नगर-निगम कमिश्नर के चक्कर लगा रहा है। लेकिन उसके प्रमाण पत्र में सुधार नहीं हो प रहा है।
कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत से बना सर्टिफिकेट
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस जनसुनवाई के दौरान एक फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचा, जिसमें उनसे कहा कि एक ठेकेदार और नगर निगम के कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत से मेरा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बना दिया गया है। जिससे उसका आधार कार्ड व उसके बच्चों के सभी दस्तावेज नष्ट हो गये है। इस कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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आयोग का नोटिस
मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेशा मानव अधिकार आयोग ने आयुक्त, नगर निगम ग्वालियर से मामले की जांच कराकर की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन एक माह में मांगा है।
