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पेयजल योजनाओं की धीमी गति पर मंत्री संपतिया उइके का बड़ा एक्शन, 150 से अधिक ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, अधिकारियों को नोटिस जारी

Written by:Gaurav Sharma
Published:
मध्य प्रदेश की PHE मंत्री संपतिया उइके ने पेयजल योजनाओं में लापरवाही बरतने पर कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश में 150 से अधिक ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और कई अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। मंत्री ने मार्च-अप्रैल तक समूह जल प्रदाय योजनाओं को 100% पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
पेयजल योजनाओं की धीमी गति पर मंत्री संपतिया उइके का बड़ा एक्शन, 150 से अधिक ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, अधिकारियों को नोटिस जारी

भोपाल। मध्य प्रदेश में पेयजल योजनाओं में हो रही गड़बड़ियों और लेटलतीफी पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) मंत्री संपतिया उइके ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में हो रही मासिक समीक्षा के बाद अब तक 150 से अधिक ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही काम में लापरवाही बरतने वाले कई अधिकारियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

यह एक्शन उन शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनमें पाया गया था कि कई ठेकेदार एक साथ 5 से 10 काम ले लेते थे, जिससे योजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी दोनों प्रभावित हो रही थी। मंत्री उइके ने बताया कि वह स्वयं प्रदेश के 55 में से 49 जिलों का दौरा कर जमीनी हकीकत देख चुकी हैं।

मार्च-अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य

सरकार ने प्रदेश में जल संकट को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर योजनाएं स्वीकृत की हैं। मंत्री संपतिया उइके ने जानकारी दी कि राज्य में 29,000 सिंगल विलेज योजनाएं और 147 समूह जल प्रदाय योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य इन समूह जल प्रदाय योजनाओं को मार्च-अप्रैल तक शत-प्रतिशत पूरा करना है।

योजनाओं के पूरा होने के बाद, इन्हें सरकार के माध्यम से पंचायतों को सौंपा जाएगा। नई नीति के तहत, सिंगल विलेज योजनाओं को भी पूरा कर पंचायतों को हैंडओवर किया जाएगा, ताकि संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर तय हो सके और लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके।

चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों के लिए विशेष प्लान

मंत्री ने मंडला जैसे जिलों की भौगोलिक चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हेलन परियोजना के तहत सिहोरा, निवास और बीजाडांडी क्षेत्र के 182 गांवों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा, पथरीले इलाकों में 172 ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां 1000 फीट की गहराई पर भी पानी नहीं मिलता। इन क्षेत्रों में जल संकट को दूर करने के लिए खैरी और थमर परियोजनाओं को जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सर्वे कराकर प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं लागू की जा रही हैं।

“भारतीय जनता पार्टी ने एक साधारण बहन को PHE विभाग में काम करने का अवसर दिया है, इसलिए मेरी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है, खासकर क्योंकि मैं प्रदेश के अंतिम छोर के क्षेत्र से आती हूं।”- संपतिया उइके, PHE मंत्री, मध्य प्रदेश

शिकायतों पर तुरंत जांच के लिए विशेषज्ञ टीम

दूषित पानी की शिकायतों पर मंत्री ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और आईने की तरह सच्चाई दिखाता है। उन्होंने बताया कि अखबारों या चैनलों के माध्यम से जब भी कोई शिकायत मिलती है, तो विभाग उसे गंभीरता से लेता है। ऐसे मामलों की जांच के लिए एक विशेषज्ञ टीम का गठन किया गया है। चाहे मामला इंदौर का हो या किसी ग्रामीण क्षेत्र का, सूचना मिलते ही टीम को जांच के लिए भेजा जाता है।

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