मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बिजावर तहसील में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों, महिलाओं पर 10-11 फरवरी 2026 की देर रात पुलिस द्वारा किये गए लाठी चार्ज और वाटर कैनन का उपयोग पर सियासत शुरू हो गई है, कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया है और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से निष्पक्ष जाँच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने किसानों और महिलाओं पर पुलिस लाठीचार्ज पर नाराजी जताई है, उन्होंने X पर लिखा – छतरपुर के प्रभावित 20 से अधिक गांवों की माताओं-बहनों और किसानों पर आधी रात को लाठीचार्ज लोकतंत्र पर कलंक है। अपने हक, जमीन और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे लोगों को अपराधियों की तरह पीटना अमानवीय और निंदनीय है।
विकास के नाम पर लोगों को उजाड़ने का विरोध
सिंघार ने लिखा- 45,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के नाम पर लोगों को उजाड़ना और बदले में नाममात्र मुआवजा देना अन्याय है। महिलाओं-बच्चों पर वाटर कैनन और बल प्रयोग शासन की संवेदनहीनता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कांग्रेस विकास की विरोधी नहीं है लेकिन विकास के नाम पर जनता के हक और अधिकारों को छीनना कतई स्वीकार्य नहीं किया जायेगा।
जांच की मांग, आंदोलन की चेतावनी
नेता प्रतिपक्ष ने इसे हिंसा करार देते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने प्रभावितों को न्यायपूर्ण व सम्मान जनक मुआवजा सहित पुनर्वास देने की भी मांग की है उन्होंने कहा कांग्रेस पीड़ित किसान परिवारों के साथ है और जरूरत पड़ने पर सड़क पर भी उतरेगी।





