भोपाल: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित किसान महा-चौपाल में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने अपने मंत्रिमंडल से पूछे बिना ही तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन कर भारत-अमेरिका ट्रेड डील को मंजूरी दे दी, जिससे देश के किसानों के हितों को नुकसान पहुंचा।
राहुल गांधी ने कहा कि यह वही डील थी जो कृषि मामलों पर मतभेद के कारण चार महीनों से रुकी हुई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि प्रधानमंत्री को यह कदम उठाना पड़ा।
संसद में बोलने से रोकने का आरोप
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि उन्हें लोकसभा में बोलने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “देश के इतिहास में पहली बार विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया। मैंने बोलना शुरू किया तो मुझे रोका गया।” उन्होंने बताया कि वह पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब के कुछ अंशों का जिक्र करना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली।
पूर्व सेना प्रमुख की किताब का दिया हवाला
राहुल गांधी ने जनरल नरवणे की किताब का जिक्र करते हुए चीन सीमा विवाद पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “नरवणे जी ने अपनी किताब में लिखा है कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा में आ रहे थे, तो उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।”
उन्होंने आगे दावा किया कि इसके बाद तत्कालीन सेना प्रमुख ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन वहां से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
“आर्मी चीफ अपनी किताब में लिखते हैं, उस दिन मुझे देश के प्रधानमंत्री ने अकेला छोड़ दिया। आर्मी चीफ को जब ऑर्डर देने का समय आया तो हमारे पीएम गायब हो गए।”- राहुल गांधी
राहुल ने कहा कि सेना प्रमुख को प्रधानमंत्री से आदेश की आवश्यकता थी, क्योंकि चीन को जवाब देने का निर्णय उच्चतम स्तर पर लिया जाना था, लेकिन उस महत्वपूर्ण समय पर उन्हें कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला।
ट्रेड डील और अमेरिका का दबाव?
कांग्रेस सांसद ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के अचानक होने के पीछे दो कारण बताए। उन्होंने कहा, “इसका पहला कारण ये है कि अमेरिका में एपस्टीन की 30 लाख फाइल पड़ी हैं। भारत को धमकाने के लिए हरदीप पुरी का नाम लिया है। अमेरिका ने कहा, अगर डील नहीं करोगे तो फाइल से और नाम निकलेंगे।”
राहुल ने दूसरा कारण अडानी समूह को बताया। उन्होंने कहा, “दूसरा और भी खतरनाक कारण ये है कि अडानी। जहां देखो उनका नाम है। ये मोदी को फाइनेंस करता है।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इन्हीं दबावों के चलते प्रधानमंत्री ने देश के किसानों के हितों की अनदेखी की और यह डील कर डाली।






