मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पड़ोसी राज्य राजस्थान में पेयजल आपूर्ति बंद होने की चेतावनी को लेकर एमपी की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के अखबारों में आज एक चेतावनी भरा विज्ञापन छपा है जिसमें जल आपूर्ति से जुड़े संवेदक लिख रहे हैं- “हम पानी बंद नहीं करना चाहते…हम सिर्फ अपना हक चाहते हैं!”
उन्होंने विज्ञापन के हवाले से बताया कि 35 महीनों से बकाया भुगतान नहीं मिलने के कारण राजस्थान के जलदाय विभाग के संवेदकों ने 17 जून सुबह 10 बजे से पेयजल आपूर्ति बंद करने का फैसला लिया है, जिससे पूरे राज्य में पेयजल संकट गहराने की आशंका है। कांग्रेस नेता ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस घटना को सिर्फ राजस्थान की समस्या मानकर नजरअंदाज न करें।
जीतू पटवारी ने पेयजल की स्थिति को लेकर सरकार को घेरा
राजस्थान में पेयजल आपूर्ति से जुड़े संवेदकों द्वारा लंबित भुगतान और संभावित जल आपूर्ति बंदी को लेकर प्रकाशित विज्ञापन को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटनाक्रम को चेतावनी बताते हुए प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि राजस्थान के अखबारों में प्रकाशित विज्ञापन सिर्फ एक राज्य की समस्या नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक संकेत है कि यदि समय रहते भुगतान, रखरखाव और योजनाओं की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया तो जल संकट गहरा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में भी कई स्तरों पर पेयजल व्यवस्था कमजोर होती जा रही है और सरकार सिर्फ घोषणाओं तक सीमित है।
सरकार से किए सवाल
जीतू पटवारी कहा है कि गांवों में पानी की किल्लत, शहरों में पाइपलाइन की समस्या, नर्मदा आधारित योजनाओं की धीमी गति, विंध्य और बुंदेलखंड में जल संकट तथा मालवा में गिरता भूजल स्तर गंभीर स्थिति को दर्शाते हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि कितनी पेयजल योजनाएं लंबित हैं, कितने भुगतान अटके हुए हैं और अगले तीन वर्षों के लिए सरकार की ठोस जल नीति क्या है। उन्होंने कहा है कि राजस्थान में छपा विज्ञापन मध्यप्रदेश सरकार के लिए एक “आईना” है जो बताता है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किए गए तो जल संकट और गहरा सकता है।






