ओम प्रकाश राजभर के समाजवादी पार्टी में टूट के लगातार किए जा रहे दावों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट ला दी है, जिस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए राजभर को ‘अफ़वाही’ मंत्री करार दिया है और उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। राजभर लगातार यह दावा करते आ रहे हैं कि समाजवादी पार्टी में जल्द ही बड़ी टूट देखने को मिलेगी और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपने सांसदों को बचाने का अभियान शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि सपा के बागी सांसदों का एक गुट बहुत जल्द बलिया के एक प्रमुख नेता के नेतृत्व में सामने आने वाला है, जो पार्टी के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा और सियासी समीकरणों को बदल कर रख देगा।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर के इन लगातार और गंभीर दावों पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने एक्स हैंडल पर जवाब देते हुए जोरदार पलटवार किया है। अखिलेश यादव ने राजभर को सीधे तौर पर ‘अफवाह फैलाने वाला मंत्री’ बताया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और सियासी बयानबाजी का दौर और भी तीखा हो गया है। इतना ही नहीं, अखिलेश यादव ने राजभर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी जड़ दिए हैं, जिसमें ट्रांसफर-पोस्टिंग और सरकारी ठेके दिलवाने के नाम पर पैसे वसूलने जैसे संगीन मामले शामिल हैं। सपा प्रमुख ने ओम प्रकाश राजभर के पंचायती राज विभाग में बड़े पैमाने पर घोटाले होने का भी आरोप लगाया है, जिससे दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है और अब यह व्यक्तिगत आरोपों के स्तर पर पहुँच गई है।
अखिलेश यादव का राजभर पर पलटवार, लगाए गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने अपने एक्स हैंडल पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए लिखा, ”पंचायती-समाचार: टिकटार्थियों के बाद अधिकारी और ठेकेदार मिलकर कर रहे ‘ढुंढाई पंचायत’।” उन्होंने आगे कहा कि कल तक तो केवल वे भावी प्रत्याशी ही ‘अफ़वाही’ मंत्री जी को ढूंढ रहे थे, जिनसे उन्होंने टिकट दिलवाने के नाम पर एडवांस पैसा वसूल लिया था और अब उनसे अपना पैसा वापस मांग रहे हैं। लेकिन, अब जब यह बात सामने आ गई है कि राजभर का ’30 सीट’ वाला दावा सिर्फ एक अफवाह है और अगर उन्हें सीटें मिल भी जाती हैं, तो भी वे जीतने वाले नहीं हैं, तो उनकी सच्चाई बाहर आते ही एक नया मोड़ आ गया है। अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में खुलासा किया कि अब तो सुना है, वो एई (सहायक अभियंता), जेई (कनिष्ठ अभियंता) और एएमए अधिकारी और विभागीय ठेकेदार भी इनको ढूंढने के लिए मिल-बैठकर ‘पंचायत’ कर रहे हैं, जिनसे ट्रांसफर-पोस्टिंग व कॉन्ट्रैक्ट दिलवाने के नाम पर इन्होंने भारी-भरकम एडवांस वसूल लिया था। सपा प्रमुख ने राजभर पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस काली-कमाई के पैसे के बल पर उनके ‘बड़े बोल’ निकल रहे हैं, अब वही पैसा उनके खिलाफ ‘पंचायत’ बैठा रहा है और उनकी मुश्किलें बढ़ा रहा है, जो उनके लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।
दूसरी ओर, ओम प्रकाश राजभर ने भी अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए उन्हें एक महत्वपूर्ण सलाह दी है। राजभर ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि जिस तरह से कल सपा कार्यालय में एक कॉन्फ्रेंस के बहाने ब्राह्मण समाज का अपमान किया गया, उससे ‘बागी बलिया’ के ‘लाल’ को गहरी चोट पहुंची है और उन्होंने इसे गंभीर मुद्दा बताया है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी में फूट डालने की योजना तो पहले से ही बनी हुई थी, लेकिन कल की इस घटना ने आग में घी का काम किया है और अब समाजवादी पार्टी में फूट निश्चित रूप से होकर रहेगी, जिसे कोई रोक नहीं पाएगा।
अखिलेश ‘अपने सांसदों को बचाओ’ अभियान शुरू करें: राजभर
राजभर ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें सलाह दी कि वे सोशल मीडिया की राजनीति में उलझने के बजाय अपनी पार्टी के नेताओं को एकजुट रखने और उन्हें बचाए रखने पर ध्यान दें, क्योंकि यही उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। राजभर ने तंज कसते हुए कहा, “जिस तरह से पूरे सैफई परिवार ने मेरी एक प्रतिक्रिया पर मुझे बुरा-भला कहने और सफाई देने में अपना कीमती समय बर्बाद किया, उससे कहीं बेहतर है कि अखिलेश ट्विटर, ऐसी-वैसी बातें और प्रेस कॉन्फ्रेंस वाली लीडरशिप छोड़कर ‘अपने सांसदों को बचाओ’ अभियान शुरू करें।” यह बयानबाजी दोनों दलों के बीच बढ़ती राजनीतिक खाई को और गहरा कर रही है, जिससे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की सियासत में और भी गर्माहट आने की उम्मीद है।
पंचायती-समाचार :
टिकटार्थियों के बाद अधिकारी और ठेकेदार मिलके कर रहे ‘ढुंढाई पंचायत’
समाचार-विस्तार : कल तक तो ‘अफ़वाही’ मंत्री जी को केवल वो भावी प्रत्याशी ही ढूँढ रहे थे जिनसे इन्होंने टिकट के नाम पर एडवांस वसूल लिया था, लेकिन अब जो जान गये हैं कि ‘30 सीट’ की बात अफ़वाह है।… pic.twitter.com/gBewgyc2b5
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 18, 2026






