छत्तीसगढ़ में अगले 3-4 दिनों तक मेघगर्जन की गतिविधि के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। अगले 5 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। अगले 4-5 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थिति अनुकूल हैं। संभावना जताई जा रही है कि 20 से 25 जून के बीच प्रदेश में मानसून प्रवेश कर सकता है। आमतौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 10 से 15 जून के बीच प्रवेश करता है।
पिछले 24 घंटों में रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कुछ स्थानों में मेघगर्जन की गतिविधि के साथ वर्षापात तथा हल्की से मध्यम वर्षा हुई। गुरुवार (18 june 2026) को 25 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी जारी की गई है। रायपुर में आकाश आंशिक मेघमय रहने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 39 डिग्री सेल्सियस और 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
मौसम केंद्र, रायपुर की दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 4-5 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थिति अनुकूल हैं, ऐसे में 25 जून 2026 से पहले दक्षिण पश्चिम मानसून के छत्तीसगढ़ में पहुंचने की संभावना है। वर्तमान में पंजाब से हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होते हुए बिहार तक समुद्र तल पर मौसमी द्रोणिा बनी हुई है। एक द्रोणिा जो झारखंड से तटीय आंध्र प्रदेश तक विस्तारित था , अब पूर्वी विदर्भ से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश होते हुए तमिलनाडु तक समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर फैली हुई है। इन मौसम प्रणालियों के असर से 22 जून तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।
गुरुवार को इन जिलों में अलर्ट
सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोडगांव, उत्तर बस्तर कांकेर, राजनांदगांव, महासमुंद, दुर्ग, कबीरधाम, धमतरी, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, सूरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर में मेघगर्जन / आकाशीय बिजली / अचानक तेज हवा / आंधी (40-60 KMPH) / वर्षा की संभावना है।









