भोपाल: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बालाघाट दौरे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद मध्यप्रदेश की सियासत गरमा गई है। हाल ही में राहुल गांधी ने बालाघाट पहुंचकर स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार समेत कई मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। वहीं, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने उनके दौरे को महज राजनीतिक दौरा करार दिया। अब शनिवार को कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने राजेंद्र शुक्ल के बयान पर पलटवार करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर कर निशाना साधा है। कांग्रेस विधायक ने कहा कि अगर बेशर्मी का ओलंपिक होता, तो राजेंद्र शुक्ला जी को गोल्ड मेडल मिलता। उन्होंने कहा कि बालाघाट में 45 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में जवाब देने के बजाय राजेंद्र शुक्ला नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से सवाल कर रहे हैं।
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कांग्रेस की सरकार से मांगें
भूरिया ने आरोप लगाया कि मौतों के आंकड़ों को दबाकर और प्रचार के जरिए भाजपा सरकार अपनी नाकामी नहीं छिपा सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग स्पष्ट है कि स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दें, बालाघाट में तत्काल हेल्थ इमरजेंसी घोषित की जाए और प्रत्येक पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों को न्याय मिलने तक कांग्रेस का ‘न्याय सत्याग्रह’ जारी रहेगा।
राजेंद्र शुक्ल के कौन-से बयान पर विक्रांत भूरिया ने किया पलटवार?
गौरतलब है कि राहुल गांधी के बालाघाट दौरे को उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने राजनीतिक दौरा करार दिया था। राजेंद्र शुक्ल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी गंभीरता से मुद्दे उठाने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने के लिए बालाघाट पहुंचे। राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि राहुल गांधी को बालाघाट की मौजूदा स्थिति के साथ कांग्रेस शासनकाल का हिसाब भी देना चाहिए।
उन्होंने नक्सलवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान बालाघाट लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा। उन्होंने तत्कालीन मंत्री लखीराम कांवरे की नक्सलियों द्वारा हत्या का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष से सवाल किया कि उस दौर में नक्सलवाद से निपटने के लिए क्या कदम उठाए गए थे। राजेंद्र शुक्ल के सवाल वाले बयान पर कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने पलटवार किया है।