मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और साफ सफाई को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधा है। इंदौर के एमवाय अस्पताल में सांप मिलने की घटना को लेकर उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में कभी चूहे नवजात को कुतर देते हैं तो कभी अस्पताल परिसर में सांप पहुंच जाता है। उन्होंने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार के नाम पर ‘सर्कस’ चल रहा है और सरकारी अस्पतालों को ‘चिड़ियाघर’ बना दिया गया है।

मध्यप्रदेश के सबसे बड़े महाराजा यशवंतराव अस्पताल में मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब न्यू ओपीडी की खिड़की के पास सांप दिखाई दिया। सुबह करीब आठ बजे ओपीडी का ताला खुलने और मरीजों व डॉक्टरों के पहुंचने का सिलसिला शुरू ही हुआ था। इसी दौरान कर्मचारियों की नजर खिड़की पर पड़ी, जहां सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया।

एमवाय अस्पताल में दिखा सांप

अस्पताल में सांप दिखाई देने की खबर फैलते ही डॉक्टरों, कर्मचारियों और इलाज के लिए पहुंचे मरीजों के बीच दहशत का माहौल बन गया। सांप को बाहर निकालने के लिए सुरक्षाकर्मियों को सूचना दी गई। शुरुआत में उसे खिड़की से बाहर भगाने की कोशिश की गई, लेकिन वह ओपीडी के दरवाजे और फर्श पर घूमता रहा। काफी देर तक सांप के ओपीडी के भीतर रहने से वहां मौजूद लोगों की चिंता बढ़ गई। इसके बाद महिला गार्ड और अन्य सुरक्षाकर्मियों ने सावधानी बरतते हुए डंडे की मदद से उसे बाहर की ओर खदेड़ा। काफी मशक्कत के बाद सांप को अस्पताल भवन से बाहर झाड़ियों की तरफ भेजा गया। घटना के दौरान ओपीडी में मौजूद लोगों में डर का माहौल बना रहा।

जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना

एमवाय अस्पताल में सांप मिलने की इस घटना को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, “मप्र का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल! कभी चूहे नवजात को कुतर देते हैं, तो कभी परिसर में सांप आ जाता है!” कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार के नाम पर ‘सर्कस’ चला रही भाजपा ने सरकारी अस्पतालों को ‘चिड़ियाघर’ बना दिया है। कांग्रेस नेता ने इस घटना को अस्पतालों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं से जोड़ते हुए सरकार से सवाल किए हैं।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

एमवाय अस्पताल में सांप मिलने की ताजा घटना ने अस्पताल की सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़े पुराने मामलों को भी फिर चर्चा में ला दिया है।पिछले साल इसी अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई में दो नवजातों को चूहों द्वारा कुतरने का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद अस्पताल की साफ-सफाई, पेस्ट कंट्रोल और नवजातों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। दोनों बच्चों की बाद में मौत हो गई थी। घटना के बाद अस्पताल की स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे।

हालांकि, तब अस्पताल प्रबंधन की ओर से बच्चों की मौत का कारण उनकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति और समय से पहले जन्म बताया गया था। मामले में जांच भी कराई गई थी। इस घटना ने नवजात शिशु इकाइयों में संक्रमण नियंत्रण और कीट नियंत्रण की व्यवस्था पर बहस छेड़ दी थी।

इसके बाद जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी मरीजों को चूहों द्वारा काटे जाने का मामला सामने आया। उस समय भी मानसिक रोगियों के वार्ड में चूहों की मौजूदगी को लेकर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे। भोपाल के जयप्रकाश अस्पताल की विशेष नवजात शिशु इकाई में भी चूहों का वीडियो सामने आया था। नवजातों के इलाज वाले संवेदनशील हिस्से में चूहों की मौजूदगी का मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने जांच के निर्देश दिए थे। लगातार अलग-अलग अस्पतालों से ऐसी घटनाएं सामने आने के बाद कांग्रेस ने अस्पतालों में नियमित सफाई और कीट नियंत्रण व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है।