जापान में आयोजित एशियन गेम्स की सॉफ्ट टेनिस स्पर्धा में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाले देवास के प्रतिभावान खिलाड़ी जय मीणा सोमवार को अपने गृहनगर लौटे। उनके साथ पहुंचे मुख्य कोच सुदेश सांगते का भी देवास पहुंचने पर खेल संगठनों और शहरवासियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया। अंतरराष्ट्रीय पटल पर शहर का नाम रोशन करने वाले इस युवा खिलाड़ी का नागरिक अभिनंदन कर बधाइयां दी गईं।
जीत के बाद निकले खुशी के आंसू
देवास पहुंचने पर जय मीणा ने एशियन गेम्स के अपने अविस्मरणीय अनुभव साझा करते हुए कहा कि देश के लिए पदक जीतना उनके जीवन का सबसे गर्व भरा पल था। जापान में तिरंगा लहराने के बाद वे काफी भावुक हो गए थे और उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। जय ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय वर्षों के कठोर अनुशासन, लगातार अभ्यास, परिवार और कोच के मार्गदर्शन को दिया।
कोच सुदेश सांगते का भी हुआ नागरिक अभिनंदन
जय के साथ उनके कोच सुदेश सांगते का भी शहर के खेल प्रेमियों ने विशेष सम्मान किया। कोच सुदेश ने कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के साथ-साथ पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। जय की लगन और कभी हार न मानने के जज्बे ने ही उसे इस मुकाम तक पहुंचाया है। स्थानीय खेल जगत ने इस जीत को देवास के युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद प्रेरणादायक बताया।
खेल नीतियों में सुधार की तारीफ
मीडिया से बातचीत के दौरान जय मीणा और कोच सुदेश सांगते ने देश में लगातार बदल रहे खेल के माहौल और आधुनिक सुविधाओं का भी उल्लेख किया। दोनों ने देश में खेलों को बढ़ावा देने और नई खेल नीतियों को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रोत्साहन और सुविधाओं के कारण ही छोटे शहरों के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम चमका रहे हैं।






