शिक्षक पात्रता परीक्षा यानि Teacher Eligibility Test अर्थात TET एक बड़ा मुद्दा बनकर प्रदेश में गूँज रहा है, मध्य प्रदेश के शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं। राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में चल रहे अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के धरने का आज 11वां दिन है और शिक्षकों का जोश बरक़रार है, इसी दौरान आज नीलम पार्क में एक नया नारा सुनाई दिया “दो इडली पर एक ही डोसा, मोहन यादव पर है भरोसा”।

TET की अनिवार्यता को लेकर मध्य प्रदेश के शिक्षक आंदोलन पर हैं, उनका मानना है कि वे दो दशकों से अधिक समय से पढ़ा रहे हैं अब ऐसे में उनकी योग्यता को जांचना उनके सम्मान को ठेस पहुंचाना है इस फैसले पर पुनर्विचार होना चाहिए, हालाँकि परीक्षा का आयोजन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर हो रहा है इसलिए वे सरकार से नियमों में कुछ सशोधन चाहते हैं और उन्हीं मांगों के साथ धरने पर बैठे हैं।

धरना स्थल पर सुनाई दिया नया नारा, शिक्षकों ने अर्थ भी बताया  

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ इस संवेदनशील मुद्दे पर लगातार नजर  बनाये हुए है, एडिटर इन चीफ वीरेन्द्र शर्मा ने धरना स्थल पर आज जब शिक्षकों से बात को तो उन्होंने उनके सहयोग के लिए एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ और एडिटर इन चीफ वीरेन्द्र शर्मा को विशेष रूप से धन्यवाद दिया, बता दें एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ की टीम आज जब नीलम पार्क पहुंची तो वहां एक नया नारा सुनाई दिया, ” दो इडली  पर एक ही डोसा मोहन यादव पर है भरोसा”, शिक्षकों ने नारे का अर्थ भी बताया और इसमें शिक्षा मंत्री और वित्त मंत्री को दो इडली और मुख्यमंत्री को डोसा बताया।

सीएम डॉ मोहन यादव पर जताया भरोसा 

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से बातचीत में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे शिक्षकों ने कहा हमें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पर भरोसा है क्योंकि वे बहुत संवेदनशील है वे कहते कम है और करते ज्यादा है यदि किसी ने अपनी समस्या उन्हें सही से एक्सप्लेन कर दी तो वे ऐसे मुख्यमंत्री हैं कि गंभीरता से निर्णय लेते हैं। हम चाहते हैं हमारे सम्मान का ध्यान रखा जाये।

…तो हम फूलों से नहीं खून से तौल देंगे 

शिक्षकों ने कहा हम चाहते हैं हमारी सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से होनी चाहिए , ई अटेंडेंस की व्यवहारिक  और तकनीकी दिक्कतें दूर की जाएँ, TET से मुक्ति के लिए शिक्षक प्राण प्राण से जुटे हैं, हम चाहते हैं अदालत में सुनवाई  से पहले हम लोगों से चर्चा की जाये, शिक्षकों ने कहा हम परीक्षा से नहीं डर रहे हम अपने सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारी 20 साल की सेवा अवधि बहाल की जाये यदि सरकार ऐसा करती है तो एव मुख्यमंत्री को फूलों से नहीं अपने खून से तौल देंगे।