भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शिक्षकों के हित में किए जा रहे प्रयासों को अब सकारात्मक परिणाम मिलने लगे हैं। शिक्षकों के पक्ष की रक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार किए गए प्रयासों को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से जुड़े मामले में दायर रिव्यू याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई तय कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित आवेदनों को स्वीकार करते हुए इस प्रकरण को ओपन कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है। इस फैसले से शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कोर्ट के आदेश के मुताबिक, TET से जुड़े मामले पर सुनवाई बुधवार, 13 मई 2026 को दोपहर 2 बजे निर्धारित की गई है। यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अनुमति के अधीन होगी। यह निर्णय शिक्षकों को अपने पक्ष को विस्तार से और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, इससे मामले के न्यायिक पुनर्विचार का रास्ता भी साफ होगा।
शिक्षकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध- डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट कहा है कि सरकार शिक्षकों के अधिकारों और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस प्रकरण में राज्य शासन न्यायालय के समक्ष ठोस तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखेगा। सरकार को विश्वास है कि न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर शिक्षकों को न्याय मिलेगा।
17 अप्रैल को सरकार ने दायर की थी पुनर्विचार याचिका
जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार ने 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसमें शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य किया गया है। इसके बाद कई कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री आवास पर डॉ. यादव से मुलाकात की थी और सरकार के इस कदम के लिए उसका स्वागत किया था।
सीएम से मुलाकात के दौरान संगठनों ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद पैदा हुई स्थितियों की विस्तृत जानकारी भी दी थी। इसके बाद डॉ. यादव ने सभी को आश्वासन देते हुए कहा था कि शिक्षकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि न्यायालय की प्रक्रिया में किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो।





