ट्विशा शर्मा केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, भोपाल ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर लगाई रोक

दिवंगत ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग को लेकर लगाई है याचिका, सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिवादियों को जवाब के लिए दिया समय; दो हफ्ते बाद अगली सुनवाई
Supreme Court Stays proceedings Bhopal trial court

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भोपाल। ट्विशा शर्मा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश देते हुए भोपाल जिला कोर्ट में चल रहे ट्रायल पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर पिटिशन पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया। साथ ही प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया गया है।

यह ट्रांसफर पिटिशन दिवंगत ट्विशा शर्मा के पिता और मामले के शिकायतकर्ता नवनिधि शर्मा की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में भोपाल सेशन कोर्ट में चल रहे ट्रायल को दिल्ली की सक्षम अदालत में ट्रांसफर करने की मांग की गई है।

याचिका में केस को भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग 

याचिका में कहा गया है कि मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष सुनवाई के लिए ट्रायल को भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में CBI, आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी किया है

CJI सूर्यकांत की कोर्ट में हुई सुनवाई 

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की कोर्ट में हुई। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल भोपाल में चल रहे ट्रायल पर अगले आदेश तक रोक लगाते हुए प्रतिवादियों को अपना जवाब दाखिल करने का समय दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।

याचिका में गिरिबाला सिंह के प्रभाव को लेकर चिंता  

याचिका में पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई है, गिरिबाला सिंह ट्विशा शर्मा की सास हैं और इस प्रकरण में आरोपी भी हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने मामले को भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग के पीछे निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने का तर्क दिया है।

12 मई को फांसी के फंदे पर लटका मिला था ट्विशा का शव

एल्ल्ख्नीय है कि ट्विशा शर्मा का शव 12 मई 2026 की रात लगभग 10:26 बजे भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे पर लटका पाया गया था। मामले की जांच सीबीआई कर रही है, सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, मानसिक और दहेज संबंधी प्रताड़ना के चलते ट्विशा शर्मा ने आत्महत्या की। इस मामले में उनके पति समर्थ सिंह और सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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