जीतू पटवारी ने कोसमी के आदिवासियों के समर्थन में उठाई आवाज, बोले “पट्टे मिलने तक जारी रखें लड़ाई”

प्रभावित परिवार अपनी मांगों को लेकर भोपाल आकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहते हैं। इस मामले में जीतू पटवारी ने बीजेपी के दो नेताओं के बीच राजनीतिक खींचतान का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका खामियाजा आदिवासी परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।
Jitu Patwari PC

Jitu Patwari

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीहोर जिले के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने के मामले लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव से पहले वादे करती है, आंदोलन के दौरान आश्वासन देती है और बाद में उनसे मुकर जाती है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि कोसमी के आदिवासी परिवारों को अब जमीन के पट्टे देने और मकान तोड़े जाने की जांच का आश्वासन दिया जा रहा है लेकिन परिवारों को सिर्फ भरोसे की बजाय अपने अधिकार चाहिए। उन्होंने पटवारी ने इस मामले को भाजपा के दो नेताओं के बीच राजनीतिक खींचतान बताते हुए कहा कि इसकी कीमत आदिवासी परिवारों को चुकानी पड़ रही है।

कोसमी में वन विभाग की कार्रवाई के बाद शुरू हुआ विवाद

सीहोर जिले के कोसमी गांव में वन विकास निगम ने वन भूमि पर अतिक्रमण बताते हुए आदिवासी परिवारों के मकान तोड़ने की कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई के विरोध में प्रभावित परिवारों ने धरना दिया और अपनी मांगों को लेकर भोपाल जाने का फैसला किया। परिवारों की मांग है कि उन्हें जमीन के पट्टे दिए जाएं और कार्रवाई के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की जाए।

मामले के सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कार्रवाई पर नाराजगी जताई थी। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले की जांच के निर्देश दिए। इसके बाद प्रभावित परिवारों को पट्टे देने और मकान तोड़े जाने की जांच का आश्वासन मिलने की बात सामने आई है।

भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी

मकान तोड़े जाने के विरोध में प्रभावित आदिवासी परिवारों ने कई दिनों तक धरना दिया। इसके बाद वे अपनी मांगों को लेकर भोपाल के लिए रवाना हुए। परिवारों की कोशिश है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें जमीन के पट्टे देने, जमीन पर कब्जा दिलाने और मकान तोड़ने की कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग रखी जाए।

प्रभावित परिवारों का कहना है कि केवल जांच और आश्वासन से उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्हें जमीन पर अधिकार और अपने भविष्य की सुरक्षा चाहिए। इसी को लेकर वे सरकार के सामने अपनी बात रखने जा रहे हैं।

भाजपा पर वादों से मुकरने का आरोप

जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करती है लेकिन जब लोग अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करते हैं तो आश्वासन देकर शांत करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कोसमी के आदिवासी परिवारों से अपील की कि वे किसी भी नेता के आश्वासन पर भरोसा करके अपनी लड़ाई कमजोर न पड़ने दें। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब तक जमीन के पट्टे परिवारों के हाथ में नहीं आते, उन्हें जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं मिलता और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सिर्फ जांच के आदेश या मौखिक आश्वासन से परिवारों की समस्या का समाधान नहीं होगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आदिवासी परिवारों को उनके अधिकार दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। जमीन और घर का अधिकार किसी नेता या सरकार की मेहरबानी नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कोसमी के प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की लड़ाई में उनका साथ देगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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