मध्यप्रदेश के परिवहन और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बालाघाट दौरे को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी राजनीति में लगभग 30 साल विलंब से चल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जिन मुद्दों को अब उठा रहे हैं, उन्हें लेकर उन्हें पहले संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी।
उदय प्रताप सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह राहुल गांधी के बारे में कम बोलने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनका मानना है कि राहुल गांधी हर काम देर से करते हैं। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक गतिविधियां 25, 26 या 28 साल की उम्र में एक युवा राजनेता करता है, वे काम राहुल गांधी 56-57 वर्ष की उम्र में कर रहे हैं।
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बालाघाट दौरे को लेकर किए सवाल
उदय प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के बालाघाट दौरे को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बालाघाट में वर्ष 1999 में नक्सलियों द्वारा तत्कालीन सरकार के एक मंत्री की हत्या की घटना हुई थी। उस समय राहुल गांधी राजनीति में सक्रिय थे, लेकिन उन्होंने वहां जाकर संवेदना व्यक्त नहीं की। उन्होंने कहा कि जब बालाघाट और आसपास के क्षेत्रों में नक्सलवाद का प्रभाव चरम पर था और लगातार घटनाएं हो रही थीं, तब भी राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात नहीं की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बीमारी और मौसम से जुड़ी परिस्थितियों के बीच राहुल गांधी का बालाघाट जाना और इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।
नक्सलवाद पर केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों का किया जिक्र
परिवहन मंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रभारी मंत्री के तौर पर बालाघाट क्षेत्र में बदलाव को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नक्सलवाद पर नियंत्रण के लिए गंभीरता से काम किया गया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद पर नियंत्रण के बाद ही दूरदराज के इलाकों तक सरकारी व्यवस्थाएं पहुंच सकीं। अधिकारियों की आवाजाही बढ़ी और ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों तथा कस्बों से जोड़ने का काम हुआ। मंत्री ने कहा कि बैगा समाज के लोगों को भी मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए गए हैं।
कांग्रेस पर माहौल खराब करने का लगाया आरोप
उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बदलते हुए परिवेश में सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय यदि कोई राजनीतिक रूप से वातावरण को प्रभावित करने का प्रयास करता है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का बालाघाट दौरा संवेदना के बजाय राजनीतिकरण के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेताओं को वास्तव में ऐसी घटनाओं की चिंता थी तो उन्हें पहले भी नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर संवेदना व्यक्त करनी चाहिए थी।