मध्यप्रदेश में अघोषित बिजली कटौती को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली कटौती से आम जनता और किसान परेशान हैं। उन्होंने सरकार के भीतर भी इस मुद्दे पर नाराजगी होने का दावा करते हुए कहा कि कैबिनेट की विशेष बैठक में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा समेत 12 मंत्रियों ने बिजली कटौती पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस नेता आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के भीतर चल रही खींचतान के बीच आम जनता को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि प्रदेश की जनता को आपसी रंजिश की भेंट न चढ़ाया जाए। साथ ही, किसानों को बिजली की समस्या से राहत दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
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रबी सीजन में किसानों के लिए नियमित बिजली आपूर्ति जरूरी
मध्यप्रदेश में बिजली आपूर्ति का मुद्दा खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और खेती-किसानी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। रबी सीजन की शुरुआत के साथ किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में बिजली कटौती होने पर सिंचाई का काम प्रभावित होने की आशंका रहती है। ग्रामीण इलाकों में घरेलू जरूरतों के साथ-साथ कृषि कार्य भी बिजली पर निर्भर हैं।
रबी सीजन में गेहूं और दूसरी फसलों की खेती के लिए सिंचाई महत्वपूर्ण होती है। इस दौरान किसानों को समय पर बिजली नहीं मिलने से खेती का काम प्रभावित हो सकता है। बिजली आपूर्ति को लेकर किसानों की शिकायतें सामने आने पर सरकार और बिजली विभाग की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उमंग सिंघार ने सरकार से की मांग
उमंग सिंघार ने प्रदेश में बिजली कटौती को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में बिजली संकट के कारण आम लोगों और किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की विशेष बैठक में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा समेत 12 मंत्रियों ने बिजली कटौती पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 10 घंटे बिजली मिलने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के भीतर ही इस मुद्दे पर नाराजगी है। कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि आपसी खींचतान का असर जनता पर न पड़ने दें और किसानों को बिजली संकट से राहत दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
