नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक बार फिर इंदौर में पेयजल को लेकर प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि जिस इंदौर को लगातार आठ बार “सबसे स्वच्छ शहर” का तमगा मिला और जिसने भाजपा को विधायक, सांसद और केंद्रीय मंत्री दिए..उसी शहर के साथ आज सरकार ने खुला विश्वासघात किया है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भागीरथपुरा जलकांड अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपहास और शर्मिंदगी का विषय बन चुका है। 36 मौतें, 80 से अधिक बोरवेल दूषित और पूरा इलाका ज़हरीले पानी की चपेट में है। उन्होंने कहा कि शहर के बड़े क्षेत्र में भूजल दूषित है और यह किसी एक दिन की गलती नहीं, बल्कि लगातार प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।
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उमंग सिंघार ने पेयजल को लेकर सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने इंदौर में दूषित पेयजल की स्थिति को लेकर बीजेपी सरकार से सवाल किए हैं। उन्होंने कहा कि “मिनी बॉम्बे, इकोनॉमिक कैपिटल, क्लीनेस्ट सिटी ऑफ इंडिया कहे जाने वाले शहर की आज हालत दयनीय है। जनता को पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल रही है।” उन्होंने कहा भगीरथपुरा जलकांड के बाद इंदौर के पानी की तुलना जहर से हो रही है। इसपर पर हजारों मीम्स और तंज बन रहे हैं और लोग पानी पीने से डर रहे हैं।
सरकार से की तुरंत समाधान की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि उन्होंने खुद कई इलाकों में जाकर वॉटर ऑडिट किया और जमीनी हकीकत भयावह पाई है। उन्होंने कहा कि अब सरकार की अपनी एजेंसियों ने भी मान लिया है कि पानी ज़हरीला है। उन्होंने कहा कि “जल ही जीवन है और जब वही ज़हर बन जाए यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि सीधा आपराधिक कृत्य है। जिस भाजपा सरकार को जनता ने आशीर्वाद दिया, और जहां मुख्यमंत्री खुद का प्रभार जिला है, वहां ऐसी भयावह स्थिति की स्वीकार्यता अस्वीकार्य है।” उमंग सिंघार ने कहा कि उन्होंने कहा कि पूरी भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री को अब तत्काल जागना होगा। इंदौर सहित पूरे प्रदेश में पानी जैसी मूलभूत सुविधा को सुरक्षित और सुचारु बनाना उनकी जिम्मेदारी है। कांग्रेस नेता ने कहा है कि जनता के साथ यह खिलवाड़ तुरंत बंद होना चाहिए।