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बिहार विधानसभा की 19 समितियां गठित, राज्यसभा चुनाव में अनुपस्थित रहे कांग्रेस-RJD विधायक को मिला चेयरमैन का पद, अनंत सिंह को भी मिली जगह

Written by:Ankita Chourdia
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बिहार विधानसभा में 19 समितियों का गठन हो गया है। इसमें बड़ी बात यह है कि राज्यसभा चुनाव के वक्त सदन से गैरहाजिर रहे कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद सिंह और राजद विधायक फैसल रहमान को अहम समितियों का चेयरमैन बनाया गया है। इसके अलावा मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और विधायक धूमल सिंह को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं।
बिहार विधानसभा की 19 समितियां गठित, राज्यसभा चुनाव में अनुपस्थित रहे कांग्रेस-RJD विधायक को मिला चेयरमैन का पद, अनंत सिंह को भी मिली जगह

बिहार विधानसभा की 19 समितियों का गठन हो गया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार की मंजूरी के बाद इन समितियों के चेयरमैन और सदस्यों की सूची जारी हुई है। इस गठन में सबसे बड़ी बात यह है कि राज्यसभा चुनाव के वक्त सदन से अनुपस्थित रहने वाले कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद सिंह और राजद विधायक फैसल रहमान को दो अहम समितियों का चेयरमैन बनाया गया है। यह नियुक्तियां राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई हैं, खासकर उन विधायकों को महत्वपूर्ण पद दिए जाने पर जिनकी सदन में उपस्थिति पर पहले सवाल उठ चुके हैं। इसके अलावा मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और विधायक मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है, जिससे इन समितियों का प्रभाव और बढ़ जाता है।

कांग्रेस-राजद विधायक को मिला चेयरमैन का पद

कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद सिंह को प्रत्ययायुक्त विधानसभा समिति का चेयरमैन बनाया गया है। यह समिति विधानसभा में प्रस्तुत होने वाले विभिन्न प्रत्यायोजित कानूनों और उनके कार्यान्वयन की बारीकी से जांच करती है। इस समिति में मुरारी मोहन झा और आबिद उर रहमान सदस्य के तौर पर शामिल किए गए हैं। वहीं, राजद के विधायक फैसल रहमान को गैर सरकारी विधायक एवं संकल्प समिति की कमान सौंपी गई है। यह समिति गैर-सरकारी सदस्यों द्वारा पेश किए गए विधेयकों और संकल्पों पर विचार करती है। इसमें सुरेंद्र राम और अजय कुमार सदस्य के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। इन दोनों विधायकों की राज्यसभा चुनाव के समय अनुपस्थिति ने तब बिहार की राजनीतिक में काफी हलचल मचाई थी, और अब उन्हें महत्वपूर्ण समितियों का चेयरमैन पद मिलना, गठबंधन के भीतर की समीकरणों को भी दर्शाता है।

प्रेम कुमार दो समितियों के अध्यक्ष बने

बिहार विधानसभा में नियम समिति और सामान्य प्रयोजन समिति, दोनों के चेयरमैन खुद विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार हैं। नियम समिति विधानसभा के कामकाज को विनियमित करने वाले नियमों पर विचार करती है और उन्हें अद्यतन करने का काम करती है। इसमें उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिंह और जदयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी सदस्य हैं। इसी तरह, सामान्य प्रयोजन समिति में भी सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और विजय कुमार चौधरी को सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है। यह समितियां विधानसभा के कामकाज और प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने में अहम भूमिका निभाती हैं और इनका नेतृत्व स्वयं अध्यक्ष द्वारा किया जाना, इनके महत्व को रेखांकित करता है।

अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों में, केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी की समधिन ज्योति देवी को पुस्तकालय समिति का चेयरमैन बनाया गया है। यह समिति विधानसभा के पुस्तकालय के प्रबंधन और उसके उन्नयन के लिए जिम्मेदार होती है। इस समिति में वीरेंद्र सिंह और शंभू नाथ यादव सदस्य के रूप में काम करेंगे। एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरूल ईमान को अल्पसंख्यक कल्याण समिति का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। यह समिति राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर काम करती है। तौसीफ आलम और मुर्शीद आलम इस समिति के सदस्य बनाए गए हैं, जिनका उद्देश्य अल्पसंख्यक वर्गों के हितों की रक्षा करना और उनके लिए प्रभावी नीतियां सुनिश्चित करना है।

पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति में अनंत सिंह को मिली जगह

पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति का चेयरमैन अवधेश सिंह को बनाया गया है। यह समिति राज्य में पर्यावरणीय मुद्दों, प्रदूषण नियंत्रण और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए नीतियों की समीक्षा करती है। बड़ी बात यह है कि मोकामा से जदयू विधायक अनंत कुमार सिंह को इस समिति का सदस्य बनाया गया है। अनंत सिंह का नाम बिहार की राजनीति में खासा प्रभावी रहा है और उनका इस समिति में जुड़ना, पर्यावरण संबंधी विषयों पर उनके प्रभाव और सक्रियता को दिखाता है। वहीं, पर्यटन उद्योग समिति का चेयरमैन मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह को बनाया गया है। पूर्व मंत्री सुनील कुमार पिंटू और अनिल सिंह इस समिति के सदस्य हैं। यह समिति राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए नीतियों और योजनाओं पर काम करेगी, जिससे बिहार की अर्थव्यवस्था को गति मिल सके।

शून्य काल समिति का चेयरमैन राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक माधव आनंद को बनाया गया है। यह समिति सदन के भीतर महत्वपूर्ण और जनहित के मुद्दों को तत्काल उठाने का अवसर प्रदान करती है। इस समिति के अन्य सदस्यों में ललित नारायण मंडल, बैद्यनाथ प्रसाद और आलोक कुमार सिंह शामिल हैं। पूर्व उप मुख्यमंत्री रेणु देवी को बिहार विरासत विकास समिति का चेयरमैन पद मिला है। यह समिति राज्य की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य करती है। इस समिति के अन्य सदस्यों में शीला कुमारी और सर्वजीत हैं। कारा सुधार समिति की कमान निशा सिंह को सौंपी गई है, जिसमें लालबाबू प्रसाद गुप्ता और प्रमोद कुमार सिंह सदस्य के रूप में कार्य करेंगे। यह समिति राज्य की जेलों में सुधार और बंदियों के अधिकारों से संबंधित विषयों पर ध्यान केंद्रित करेगी।

याचिका समिति का चेयरमैन बने जनक सिंह

याचिका समिति का चेयरमैन जनक सिंह को नियुक्त किया गया है। यह समिति नागरिकों द्वारा विधानसभा को प्रस्तुत की गई याचिकाओं की जांच करती है और उन पर आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश करती है। इस समिति में रामानंद यादव, सुनील कुमार और रत्नेश सदा को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। राजकीय आश्वासन समिति के चेयरमैन दामोदर रावत बनाए गए हैं। यह समिति सदन में मंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासनों पर नजर रखती है कि वे पूरे हुए या नहीं। करनजीत सिंह और राम सिंह इस समिति के सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे, ताकि सरकारी आश्वासनों की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडे को प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति का चेयरमैन बनाया गया है। यह समिति विधानसभा में विधायकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों और ध्यान आकर्षित करने वाले प्रस्तावों की जांच करती है। इस समिति के अन्य सदस्यों में विजय कुमार मंडल और कमरुल होदा शामिल हैं। जिला परिषद एवं पंचायती राज समिति की कमान शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को सौंपी गई है। यह समिति स्थानीय स्वशासन से जुड़े मामलों पर ध्यान केंद्रित करती है। इसमें कुमार शैलेंद्र और रणधीर कुमार सोनी सदस्य हैं। एससी-एसटी कल्याण समिति का चेयरमैन संतोष कुमार निराला को बनाया गया है, जिसमें ललन राम और अनिल कुमार सदस्य हैं। यह समिति अनुसूचित जाति और जनजाति के कल्याण और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए समर्पित है।

सिद्धार्थ सौरव को निवेदन समिति का चेयरमैन बनाया गया है। कृष्ण कुमार मंटू और सुधांशु शेखर इसके सदस्य हैं। जबकि महिला एवं बाल विकास समिति की चेयरमैन अश्वमेघ देवी हैं। यह समिति महिला और बच्चों से जुड़े कल्याणकारी मुद्दों, उनके अधिकारों की सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण पर केंद्रित होगी। आचार समिति का चेयरमैन संजीव चौरसिया को बनाया गया है, जो विधानसभा सदस्यों के आचरण से जुड़े नियमों की निगरानी और उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई की सिफारिश करेगी, ताकि सदन की गरिमा बनी रहे। इन समितियों के गठन से विधानसभा के विधायी और निगरानी कार्यों को एक नई दिशा मिलेगी।

Ankita Chourdia
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